तिलक, तराजू और तलवार-नहीं सहेगा अत्याचार, कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष अवसर की उठी मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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यूजीसी की नीतियों में जरूरतमंद छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने पर जोर

सुलतानपुर, अमृत विचार : शिक्षा, युवाओं के भविष्य और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के अधिकारों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने प्रतिभाग किया। गौ रक्षा वाहिनी उत्तर प्रदेश, नवयुवक दल पार्टी, करणी सेना, क्षत्रिय सभा समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान आर्थिक आधार पर विशेष अवसर देने, उच्च शिक्षा में फीस राहत, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग की मांग उठाई गई।

कार्यक्रम में “तिलक, तराजू और तलवार-नहीं सहेगा अत्याचार” का नारा भी गूंजा। वक्ताओं ने इसे ज्ञान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और अन्याय के खिलाफ साहस के प्रतीक के रूप में बताया। गौ रक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि आर्थिक कमजोरी के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यूजीसी से जुड़े नीतिगत मामलों में विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने कहा कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी ताकत है। क्षत्रिय सभा के सौरभ सिंह ने सामाजिक एकता और आपसी सम्मान को विकास की आधारशिला बताया। करणी सेना के बसंत सिंह ने युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, फीस में राहत, निशुल्क कोचिंग और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने तथा आर्थिक आधार पर विशेष अवसर की मांग की गई। कार्यक्रम में राकेश सिंह ‘दद्दू’, शनि मिश्रा, उदय प्रकाश मिश्रा, पूनम सिंह समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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