सीतापुर : खुशियों की मिठास में मिलावटखोरी का तड़का!
असली-नकली के फेर में बढ़े दाम, मिलावटखोरों पर विभागीय कार्रवाई महज औपचारिकता
महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में दूषित मिठाई के सेवन से कई लोग बीमार, सीएचसी अधीक्षक बोले- एक सप्ताह के भीतर आए 152 मरीज
जीशान कदीर,सीतापुर, अमृत विचार : भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को है। ऐसे में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में कई दिनों से लोग तैयारियों में लगे थे। बाढ़ और कटान प्रभावित महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के रामपुर मथुरा ब्लॉक क्षेत्र के बाजार मिठाइयों से सजे हैं। भगवतीपुर, बहादुरगंज, चांदपुर, बांसुरा समेत विभिन्न बाजारों में अस्थायी स्टॉल और मिठाई की दुकानें ग्राहकों से गुलजार हैं। दूर-दराज के ग्रामीण भी त्योहार की खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं, लेकिन बढ़ती मांग के बीच मिठाइयों की शुद्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है। दुकानदारों का कहना है कि वर्तमान समय में शुद्ध और मिलावटी खोए की पहचान करना आसान नहीं रह गया है।

हालांकि विभाग की ओर से दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। मानक विपरीत पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के दावे किये जा रहें। ऐसे में विभागीय छापेमारी के बीच मिलावटखोरों पर कार्रवाई महज रस्म अदायगी में ही सिमट कर रही गई।

बाढ़-कटान प्रभावित क्षेत्र रामपुर मथुरा के दुकानदार अरविंद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता जांच की कोई आधुनिक व्यवस्था नहीं होती। अधिकांश लोग खोए का स्वाद चखकर या विश्वसनीय विक्रेताओं पर भरोसा करके ही खरीदारी करते हैं। वहीं, दुकानदार मोहम्मद इमरान का कहना है कि बाजार में मिलावटी खोया भी पहुंच रहा है, जिसकी पहचान करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक अपेक्षाकृत सस्ती मिठाइयों की मांग करते हैं, जिससे बाजार में विभिन्न गुणवत्ता की मिठाइयां उपलब्ध रहती हैं। ग्रामीण राजकुमार, राजेश कुमार, संकटा राम, मुनेश्वर, पुरुषोत्तम, सनेही, आसाराम, शंकर लाल और शिवमूर्ति ने बताया कि बाजारों में बड़ी मात्रा में रेडीमेड मिठाइयां बिक रही हैं। देखने में आकर्षक होने के कारण सामान्य ग्राहक इनके गुणवत्ता स्तर का अंदाजा नहीं लगा पाता।
उनका कहना है कि कई बार कम कीमत पर उपलब्ध मिठाइयां ऊंचे दामों में बेची जाती हैं और इनके सेवन से सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा रक्षाबंधन को देखते हुए जिले में विशेष अभियान भले चलाया जा रहा हो। मगर इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में मिलावटखोर अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे। विभागीय टीमें मिठाई दुकानों, खोया मंडियों और निर्माण इकाइयों से नमूने लेकर जांच के लिए भेज रही हैं। फिलहाल विभागीय कार्रवाई महज रस्म अदायगी में सिमट कर रह गयी है।
महमूदाबाद में बिक रहा 'हरा' खोया
महमूदाबाद कस्बे में नगर पालिका कार्यालय के नजदीक संचालित खोया मंडी को लेकर भी स्थानीय लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। कस्बे के मोहल्ला कैथीटोला निवासी अरुण कुमार ने बताया कि मंडी में खोया खरीद-फरोख्त के दौरान मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका दावा है कि खोया खरीदते समय उसके रंग, गंध और गुणवत्ता की जांच को लेकर भी गंभीरता नहीं बरती जाती।
एक सप्ताह में 160 फूड पॉइजनिंग मरीज पहुंचे सीएचसी
महमूदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आशीष कुमार सिंह बताते हैं कि बीते एक सप्ताह के भीतर करीब 160 मरीज फूड पॉइजनिंग की शिकायत लेकर उपचार के लिए पहुंचे। कुछ स्थानों पर खाद्य सामग्री के सेवन के बाद मरीजों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें सामने आईं। ऐसे में चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया गया। हालांकि पर्व के नजदीक होने पर बाजारों में बिक रही मिठाई में मिलावट की आशंका के बीच भी इसे जोड़ कर देखा जा रहा है।
जानिये क्या बोले अधिकारी
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर मिठाई की दुकानों, खोया विक्रेताओं और निर्माण इकाइयों की जांच की जा रही है। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट में मानक विपरीत मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जुर्माना और अन्य विधिक कार्रवाई की जायेगी - अमित कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय
