चीनी संकट के बीच समय से पहले चलाई जा सकती हैं मिलें, योगी सरकार ने प्रोसेसिंग और बिक्री के लिए डेडलाइन में किया बदलाव
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में चीनी की किल्लत और बढ़े हुए दामों को लेकर राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। सहारनपुर मंडल की सभी 18 चीनी मिलों को अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से पेराई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद
गन्ना उपायुक्त ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को बताया कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन जमाखोरी के कारण कृत्रिम अभाव पैदा होने से कीमतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कई कारणों से पिछले वर्ष गन्ने की पैदावार और चीनी का उत्पादन कम रहा था, हालांकि चीनी की रिकवरी 0.61 प्रतिशत अधिक रही।
गन्ने की पैदावार के साथ चीनी की रिकवरी
उन्होंने बताया कि इस वर्ष गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए रोगरोधी नई प्रजातियों सीओएस-13235, सीओएलके-16202, सीओएस-18231 और सीओ-0118 की बुवाई कराई गई है। इन प्रजातियों से गन्ने की पैदावार के साथ चीनी की रिकवरी में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
सहारनपुर में 151.81 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन
सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष सहारनपुर मंडल में 151.81 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था, जो घरेलू खपत के लिए पर्याप्त था। इस वर्ष जून में हुई अच्छी बारिश गन्ने की फसल के लिए अनुकूल रही, जिससे पैदावार बढ़ने की संभावना है। इस बार मंडल में करीब 170 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि थोक दुकानदारों के लिए चीनी की भंडारण सीमा निर्धारित की गई है। चीनी के दामों को नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन के कारण बाजार में चीनी की मांग बढ़ी है, जिसे देखते हुए सरकार और विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
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