Bareilly News : बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल बनेंगे डेयरी हब, इन क्षेत्रों में क्या है सरकार का प्लान-जानिए
आईवीआरआई में आयोजित डेयरी कॉन्कलेव में डेढ़ हजार से अधिक पशुपालक और निवेशक जुटे
आईवीआरआई में डेयरी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए यूपी के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध उत्पादन प्रसंस्करण और कोल्ड चेन की मजबूती पर जोर दिया। तीनों मंडलों में 6,947 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, इससे यहां करीब 11 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अमृत विचार : भारतीय पशुचकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के स्वामी विवेकानंद सभागार में दुग्धशाला विकास विभाग की ओर से डेयरी कॉन्क्लेव ''स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम'' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1500 से अधिक पशुपालकों और निवेशकों ने भाग लिया। समागम में दुग्ध उत्पादन, इससे जुड़े उत्पाद, बड़ी संख्या में रोजगार और दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि की संभावनाओं पर मंथन किया गया।
मुख्य अतिथि पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल में कृषि व डेयरी क्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले दिनों में तीनों मंडल प्रमुख डेयरी हब बनेंगे। इसके लिए उन्होंने पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर दिया। कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय दुग्ध उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और कोल्ड चेन को सुदृढ़ बनाना है, ताकि किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
कैबिनेट मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में मील का पत्थर साबित होगी। दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि तीनों मंडलों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के करीब 2200 लाभार्थियों को डीबीटी से 1200 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि दी जा चुकी है। परियोजनाओं के लिए 1100 लाख रुपये दिए गए हैं। जीबीसी में तीनों मंडलों के 6947 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से करीब 11 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिले मजबूती
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार ने स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया। मंडलायुक्त शंभू कुमार ने डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बताया। कार्यक्रम में प्रबन्ध निदेशक प्रकाश बिन्दु, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी श्याम सुंदर, क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी नत्थू सिंह, भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक, एनडीडीबी के प्रतिनिधि, बरेली, मुरादाबाद एवं लखनऊ मंडल के किसान, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थी , उद्यमी और निवेशक उपस्थित रहे।
स्वदेशी गोवंश और आधुनिक तकनीक पर जोर
समागम में विशेषज्ञों ने स्वदेशी उन्नत नस्ल के गोवंश पालन, जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट और हरा चारा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारियां साझा कीं। आईवीआरआई और विभिन्न निजी व सहकारी डेयरी संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर आधुनिक मिल्क टेस्टिंग इक्विपमेंट्स और उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
गावों में बनेंगी दुग्ध विकास समितियां
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि पशुपालकों को गांव में ही दूध का अच्छा मूल्य मिलना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक गांव में दुग्ध विकास समितियों की स्थापना की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गोवंश खरीदने के लिए ऋण दिया जाएगा। पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
डेयरी क्षेत्र में नवाचार, प्रदर्शनी भी लगाई गई
कार्यक्रम में स्टॉलों के माध्यम से आधुनिक मिल्क टेस्टिंग इक्विपमेंट्स, नवीनतम तकनीक और पशु सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। नंद बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों ने अपनी सफलता साझा की। साथ ही विशेषज्ञों ने गोपालन के साथ जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट और हरा चारा प्रबंधन जैसे विषयों पर पशुपालकों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
