बरेली: रुविवि की वेबसाइट पर भटकने से छूट रहीं परीक्षाएं
अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) प्रशासन प्रवेश या परीक्षा से जुड़ी जानकारी समय पर मिलने के लिए छात्रों को वेबसाइट चेक करने के बोलता है लेकिन वेबसाइट पर समय पर सही जानकारी अपलोड ही नहीं की जाती है। इसकी वजह से छात्र परेशान होते हैं और उनकी परीक्षा छूट जाती है। वे विश्वविद्यालय पहुंचकर …
अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) प्रशासन प्रवेश या परीक्षा से जुड़ी जानकारी समय पर मिलने के लिए छात्रों को वेबसाइट चेक करने के बोलता है लेकिन वेबसाइट पर समय पर सही जानकारी अपलोड ही नहीं की जाती है। इसकी वजह से छात्र परेशान होते हैं और उनकी परीक्षा छूट जाती है। वे विश्वविद्यालय पहुंचकर दोबारा परीक्षा कराने की मांग करते हैं।
एक विषय से जुड़े अलग-अलग कॉलम वेबसाइट पर बने हैं और जानकारी किस कॉलम में अपलोड कर दी जाए। इस बारे में कुछ पता नहीं होता है। ऑनलाइन एग्जाम फार्म कॉलम में खेलकूद व शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा की सूचना 29 नवंबर को अपडेट की गई थी लेकिन छूटी हुई अन्य प्रयोगात्मक परीक्षाओं की सूचना नोटिस फॉर कॉलेज कॉलम में अपडेट की गई।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट में तीन प्रमुख कॉलम बनाए गए हैं। इनमें लेटेस्ट अपडेट, स्टूडेंट कॉर्नर व न्यूज एंड इवेंट के कॉलम शामिल हैं। लेटेस्ट अपडेट में ऑनलाइन एडमिशन, ऑनलाइन एग्जाम फार्म, एंट्रेंस एलएलएम,एमएससी, एमएड व अन्य, अपलोड प्रैक्टिकल्स, नोटिस फॉर कॉलेज, एकेडमिक कैलेंडर 19-20, डाउनलोड्स, कांफ्रेंस एंड सेमिनार, एफिलिएटेड कॉलेज का कॉलम है।
इसी तरह से स्टूडेंट्स कॉर्नर में कॉलेज पोर्टल लागिन के 11 कॉलम हैं। इसमें एग्जाम स्कीम, रिजल्ट, पीएचडी डिटेल्स समेत प्रवेश के महत्वपूर्ण कॉलम हैं। इसी तरह से न्यूज एंड इवेंट कॉलम में 20 कॉलम हैं। इसमें एनएसएस नोटिस फॉर कॉलेज, पीएचडी थिसिस, स्पोर्ट नोटिस जैसे कॉलम हैं। जो पहले व दूसरे कॉलम से भी मिलते जुलते ही हैं। अलग-अलग कॉलम में अलग-अलग परीक्षा व अन्य की सूचनाएं होने से ही छात्र कंफ्यूज हो जाते हैं।
ऐसे में जो छात्र सभी कॉलम चेक नहीं करते हैं, उनकी परीक्षा छूट जाती है। विश्वविद्यालय ने 22, 23, 24 दिसंबर को छूटी हुई प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन कराया था लेकिन कई छात्रों की परीक्षा छूट गई थी। वे अंतिम दिन तक विश्वविद्यालय में चक्कर लगा रहे थे। छात्रों ने कहा था कि उन्हें परीक्षाओं की जानकारी ही नहीं मिल सकी थी।
यही वजह रही कि 26 दिसंबर को एक बार फिर से परीक्षा कराने के लिए आवेदन फार्म भरने की तारीख भी घोषित कर दी गई। छात्राओं की परीक्षा कराने की घोषणा तो की गई लेकिन उन छात्रों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा जिन्होंने पहले से ही एग्जाम फीस जमा कर दी थी।
