बाढ़ से यूपी में बिगड़े हालात! CM योगी आज फर्रुखाबाद में करेंगे हवाई सर्वेक्षण, ललितपुर में ऑरेंज अलर्ट

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फर्रुखाबाद में एक हजार परिवारों को राहत किट और बेघरों को मिलेंगी भूमि

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। मंगलवार तक प्रदेश के 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 22 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। मिर्जापुर में 161 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और राहत शिविर में पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।

लखनऊ, अमृत विचार:  उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। मंगलवार तक प्रदेश के 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं, जबकि 22 जिलों में बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है। बारिश के आंकड़ों में मिर्जापुर सबसे आगे रहा, जहां 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा सीतापुर में 130.6, लखनऊ में 115 और चित्रकूट में 108 मिलीमीटर बारिश हुई। भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वाराणसी में तीन सितंबर को कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने मौसम और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं।

फर्रुखाबाद जाएंगे सीएम योगी, करेंगे हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचेंगे। वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जमीनी हालात का जायजा लेंगे। इसके बाद राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री की ओर से एक हजार परिवारों को राहत किट वितरित की जाएगी। बाढ़ के कारण बेघर हुए परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। साथ ही प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए जाएंगे।

चित्रकूट में मोटरबोट से लोगों का रेस्क्यू

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ गए। नदी के उफान के कारण चौरा गांव में कई लोग फंस गए, जिन्हें पीएसी की बाढ़ राहत टीम ने मोटरबोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।

742 बाढ़ चौकियां और 225 मेडिकल टीमें सक्रिय

प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से 742 बाढ़ चौकियां, 452 नाव और मोटरबोट तथा 225 मेडिकल टीमें सक्रिय की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है।

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