बरेली: कन्या सुमंगला योजना की स्थिति बेहद खराब, सिर्फ 7336 को मिला लाभ
अमृत विचार, बरेली। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ बालिकाओं को नहीं मिल रहा है। बरेली की स्थिति बेहद खराब है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते लंबित आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। गुरुवार को समीक्षा बैठक में स्थिति खराब मिलने पर डीएम नितीश कुमार ने नाराजगी जताई। साथ ही लंबित आवेदनों का …
अमृत विचार, बरेली। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ बालिकाओं को नहीं मिल रहा है। बरेली की स्थिति बेहद खराब है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते लंबित आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। गुरुवार को समीक्षा बैठक में स्थिति खराब मिलने पर डीएम नितीश कुमार ने नाराजगी जताई।
साथ ही लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के साथ ही अधिक से अधिक नवीन आवेदन कराने के लिए उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को सर्वे कराने का निर्देश दिया। शासन से बरेली में 44 हजार बालिकाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक सिर्फ 7336 बालिकाओं को ही लाभान्वित किया गया है।
जिलाधिकारी नितीश कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। इनमें बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के लंबित मामले शामिल थे। लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिये। बाल कल्याण समिति ने बताया गया कि वित्तीय वर्ष में 11 बाल विवाह रोके गये। 13 बालक/बालिका दत्तक ग्रहण में दिये गये।
38 बच्चों को भी लाभ पहुंचाया गया। डीएम ने बाल संरक्षण योजना के मण्डलीय सलाहकार यूनिसेफ सैय्यद इमरान को बाल संरक्षण योजना की वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। किशोर न्याय के अधीन पंजीकृत संस्थाओं में बालक/बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हर माह डॉक्टरों की टीम न पहुंचने का मामला उठा।
बैठक में कोई भी डाक्टर मौजूद नहीं था। इस पर डीएम भड़क उठे और नोडल अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिये। सीएमओ को फोन कराया तो सीएमओ बैठक में पहुंचे। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया है कि डॉक्टरों की ओपीडी के बाद डॉक्टरों की टीम संस्था में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भिजवाएं।
उन्मुक्त अभियान के तहत भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के सर्वे एवं पुनर्वास के साथ उनके परिवार के संबंध में सघन जांच/विवरण तैयार कराने के लिए पुलिस अधीक्षक (अपराध) एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिये।
पुलिस अधीक्षक (अपराध) को थानेवार महिला एवं बाल अपराधों के दर्ज प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा गया। मिशन शक्ति अभियान के तहत जनवरी, 2021 की थीम कन्या भ्रूण हत्या पर कार्ययोजना बनाकर कार्यक्रम करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सुभाषनगर के पास खाली पड़ी सरकारी भूमि पर राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), बाल गृह (बालक/बालिका) एवं शिशु गृह का नवीन भवन बनाये के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सुधीर कुमार गर्ग, उप निदेशक महिला कल्याण नीता अहिरवार, पुलिस अधीक्षक क्राइम सुशील कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डा.अमरकांत सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
