Nepal: चिलिमे टनल में फंसे लोगों के लिए जगी उम्मीद, नेपाल आर्मी और भारतीय रेसक्यू टीम ने बनाया रास्ता
नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले की चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के अभियान में भारतीय सुरंग बचाव टीम को शुरुआती सफलता मिली है। टीम ने अस्थायी रास्ता बनाया।
काठमांडू। नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले के चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए नेपाल सेना के साथ काम कर रही भारतीय सुरंग बचाव टीम को शुरुआती सफलता मिली है और उसने एक अस्थायी रास्ता बनाया है, ताकि प्रभावित इलाकों तक और भारी उपकरण पहुंचाए जा सकें।
चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल रसुवा जिले के स्याब्रूबेसी गांव के पास स्थित है, जो 26 अगस्त को नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भयावह बाढ़ के बाद हिमालीय देश की मदद के लिए भारत ने विशेष टीम भेजी हैं। सुरंग तक और भारी उपकरण पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता भी बनाया जा रहा है, टीम के साथ आए चिकित्सकों ने स्थानीय लोगों के लिए एक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया।
भारतीय रेसक्यू टीम को मिली शुरुआती सफलता
अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। बचाव टीम ने शुक्रवार को पानी निकालने के लिए और गहराई तक खुदाई की, क्योंकि पानी की वजह से बचाव कार्यों में बाधा आ रही थी। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भारतीय सुरंग बचाव टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर कल चिलिमे सुरंग में और गहराई तक खुदाई की तथा पानी बाहर निकाला। माना जा रहा है कि उनमें से कई सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
भारत-चीन की स्पेशल टीम चला रही लापता लोगों का रेसक्यू अभियान
इस बाढ़ ने देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई, जिसमें 1,344 लोगों की मौत हो गई, हजारों लोग लापता हो गए और घर, सड़कें, पुल व पनबिजली परियोजनाएं नष्ट हो गईं। भारत और चीन की विशेषज्ञ टीम नेपाल की बचाव टीम की मदद कर रही हैं ताकि उन मजदूरों और कर्मचारियों का पता लगाया जा सके जो आपदा के बाद से अलग-अलग जल विद्युत परियोजना स्थालों पर लापता हैं।
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