India Brazil Pharma Trade: सस्ती दवाओं से लेकर 30 अरब डॉलर के व्यापार तक, भारत-ब्राजील की इस डील में क्या है खास?
भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी प्रणाली की बैठक में दवा उत्पादों की बाजार पहुंच पर जोर; भारत-मर्कोसुर समझौते का दायरा बढ़ाने पर भी बनी सहमति
नई दिल्ली: भारत ने ब्राजील में अपने दवा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अधिक विश्वसनीय नियामकीय प्रक्रियाओं और बेहतर बाजार पहुंच की जरूरत पर जोर दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यह मुद्दा ब्रासीलिया में आयोजित भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी प्रणाली (TMM) की आठवीं बैठक में प्रमुखता से उठा।
बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हिस्सा लिया। दोनों देशों के बीच बातचीत के दौरान भारतीय दवा उत्पादों के लिए ब्राजील के बाजार तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में प्रगति हुई।
ब्राजील में दवाओं की बाजार पहुंच बढ़ाने पर जोर
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने ब्राजील में दवा उत्पादों के लिए अधिक विश्वसनीय नियामकीय प्रक्रियाओं और बाजार पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत का मानना है कि उसकी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं ब्राजील में अधिक सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रयासों में योगदान दे सकती हैं।
बैठक के दौरान भारतीय दवा उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को सुगम बनाने की दिशा में हुई प्रगति को भी महत्वपूर्ण माना गया।
भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते का दायरा बढ़ाने की तैयारी
भारत और ब्राजील ने मौजूदा व्यापार समझौते का विस्तार करने के लिए बातचीत शुरू करने से संबंधित कार्य क्षेत्र की शर्तों (Terms of Reference) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति जताई।
यह समझौता भारत और दक्षिण अमेरिकी व्यापार समूह मर्कोसुर के बीच है। मर्कोसुर में ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे और पराग्वे शामिल हैं।
भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौता (PTA) 1 जून 2009 को लागू हुआ था। फिलहाल इसका दायरा सीमित है और इसमें सिर्फ 450 शुल्क मदें यानी उत्पाद शामिल हैं।
अब दोनों पक्ष इस समझौते का विस्तार और आधुनिकीकरण कर इसे अधिक व्यापक व्यापार समझौते में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं।
20.84 अरब डॉलर पहुंचा भारत-मर्कोसुर व्यापार
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते के विस्तार और आधुनिकीकरण की काफी गुंजाइश है।
वर्ष 2025 में भारत और मर्कोसुर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 20.84 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसी को देखते हुए दोनों पक्ष बातचीत के दायरे और उद्देश्यों को तय करने वाली कार्यक्षेत्र की शर्तों को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमत हुए हैं।
2030 तक 30 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और ब्राजील के बीच व्यापार संबंध भी लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.07 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
दोनों देशों ने इस व्यापार को 2030 तक 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
दवा क्षेत्र में बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार समझौते का विस्तार इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आम लोगों को क्या होगा लाभ?
भारत दुनिया में दवाओं के बड़े उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है। ऐसे में अगर भारतीय दवाओं के लिए दूसरे देशों में नियामकीय प्रक्रिया आसान और अधिक भरोसेमंद होती है, तो भारतीय दवा कंपनियों के लिए वहां बाजार तक पहुंच बढ़ सकती है।
इसका व्यापक फायदा यह हो सकता है कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण भारतीय दवाओं की उपलब्धता अधिक लोगों तक पहुंच सके। भारत सरकार का कहना है कि इससे सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अधिक सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
यानी यह मामला केवल दो देशों के बीच व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से भी जुड़ा है।
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