China Masters Badminton 2026: लक्ष्य सेन से सात्विक-चिराग तक, चीन मास्टर्स में इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजर
सुपर 750 टूर्नामेंट में लक्ष्य सेन के सामने विश्व चैंपियन एलेक्स लैनियर की चुनौती; सात्विक-चिराग से खिताब की उम्मीद, उन्नति हुडा समेत तीन युवा खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें
शेनझेनः विश्व चैंपियनशिप में शुरुआती दौर में ही बाहर होने की निराशा को पीछे छोड़ते हुए अब लक्ष्य सेन मंगलवार से शुरू हो रहे चीन मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे। 12,50,000 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के सामने शुरुआत से ही कड़ी चुनौतियां होने वाली है।
लक्ष्य सेन के अभियान की शुरुआत फ्रांस के विश्व चैंपियन एलेक्स लैनियर के खिलाफ मुकाबले से होगी। ऐसे में पहले ही दौर में उनके सामने बड़ी परीक्षा होगी और इस मैच से उनकी मौजूदा फॉर्म का भी अंदाजा लगेगा।
लक्ष्य सेन के सामने पहले ही मैच में विश्व चैंपियन
विश्व चैंपियनशिप में शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद लक्ष्य सेन अब चीन मास्टर्स में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेंगे। हालांकि उनका रास्ता आसान नहीं होने वाला है।
पहले ही दौर में उनका सामना फ्रांस के एलेक्स लैनियर से होगा। लैनियर विश्व चैंपियन हैं और ऐसे में लक्ष्य को शुरुआती मुकाबले से ही अपना सर्वश्रेष्ठ खेलकर टूर्नामेंट पर अपनी जगह पक्की करनी होगी।
श्रीकांत के सामने चीनी ताइपे के ची यु-जेन
भारत के अनुभवी खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत भी पुरुष एकल में चुनौती पेश करेंगे। जून में यूएस ओपन सुपर 300 के फाइनल में पहुंचने वाले श्रीकांत का सामना पहले दौर में चीनी ताइपे के ची यु-जेन से होगा।
श्रीकांत का मौजूदा सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कनाडा ओपन में चोट लगने की वजह उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ा था, जबकि इसके बाद कोरिया मास्टर्स में भी वह पहले दौर से आगे नहीं बढ़ सके।
सात्विक-चिराग से बड़ी उम्मीदें
पुरुष युगल में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी से होगी।
इस साल की शुरुआत में दोनों ने सिंगापुर ओपन का खिताब जीतकर करीब दो साल से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय खिताब के इंतजार को खत्म किया था।
चीन मास्टर्स में उनका पहला मुकाबला चीन के हू के युआन और लिन जियांग यी से होगा। भारतीय जोड़ी की नजर टूर्नामेंट में लंबी दौड़ तय करने पर होगी।
महिला एकल में तीन युवा भारतीयों पर नजर
महिला एकल में भारत की चुनौती का सबसे दिलचस्प पहलू तीन युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी है। उन्नति हुडा, तन्वी शर्मा और देविका सिहाग के प्रदर्शन पर खास निगाह रहेगी।
रोहतक की 18 वर्षीय उन्नति हुडा के सामने पहले दौर में पांचवीं वरीयता प्राप्त चीन की हान यू होंगी। वहीं तन्वी शर्मा डेनमार्क की अमाली शुल्ज़ के खिलाफ उतरेंगी।
देविका सिहाग का सामना बुल्गारिया की कालोयाना नलबंतोवा से होगा।
इन तीनों के लिए यह टूर्नामेंट शीर्ष स्तर की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
पुरुष युगल में विश्व चैंपियन जोड़ी से टक्कर
हरिहरन आमसकारुनन और एमआर अर्जुन की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी को पहले दौर में ही मुश्किल चुनौती मिलेगी। दोनों का सामना आठवीं वरीयता प्राप्त जापान की ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी की जोड़ी से होगा।
जापानी जोड़ी 2021 की विश्व चैंपियन है, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के सामने शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला होगा।
मिश्रित युगल में भी भारतीय चुनौती
मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो का सामना थाईलैंड की टोनकिड और टोनरुग साएहेंग की जोड़ी से होगा।
वहीं रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गड्डे की जोड़ी चीनी ताइपे के वू गुआन शुन और ली चिया ह्सिन के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी।
चीन मास्टर्स में भारतीय खिलाड़ियों के सामने अलग-अलग वर्गों में मजबूत अंतरराष्ट्रीय चुनौती है। ऐसे में टूर्नामेंट भारतीय बैडमिंटन के लिए खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और युवा प्रतिभाओं की क्षमता परखने का अहम मंच साबित हो सकता है।
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