अयोध्या: सात हजार किसानों के आवेदन में त्रुटि, फंसी सम्मान निधि
अयोध्या। आधार कार्ड, खाता संख्या जैसे गलतियां होने से जनपद के 7000 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हो गए हैं। इन्हें लाभ दिलाने के लिए डीएम अनुज झा ने अभियान के तहत सुधार के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत जनपद …
अयोध्या। आधार कार्ड, खाता संख्या जैसे गलतियां होने से जनपद के 7000 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हो गए हैं। इन्हें लाभ दिलाने के लिए डीएम अनुज झा ने अभियान के तहत सुधार के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत जनपद में लगभग 7000 से कम किसान हैं जिनको इसका लाभ आधार के अनुसार नाम गलत फीड होने के कारण अथवा आधार का अंक गलत फीड होने के चलते नही मिल पा रहा है।
ऐसे कृषकों को उक्त योजना का लाभ दिलाने को अभियान चलाकर ठीक कराया जा रहा है। आधार की गलती को ठीक कराने को आधार कार्ड की छाया प्रति, खाता संख्या गलत फीड होने पर आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति तथा अपात्र होने की स्थिति में ठीक कराने को आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति तथा खतौनी एवं स्वघोषणा पत्र लेखपाल से सत्यापन के साथ विकासखंड के राजकीय कृषि बीज भंडार अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क करना होगा। जहां से त्रुटियों को ठीक करा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि जनपद में संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मनाए गए सुशासन दिवस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को सातवें किस्त का पैसा दिया है। जनपद में सातवीं किस्त के तौर पर प्रथम बार 1 लाख 63 हजार नये किसानों के साथ पूर्व में लाभ प्राप्त कर रहे किसानों को किसान सम्मान का लाभ मिला है। जिन्हें सम्मिलित करते हुए जनपद में 3 लाख 36 हजार 90 किसानों को अब इसका लाभ नियमित रूप से मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री के बटन दबाते ही जनपद अयोध्या के किसानों के खाते में लगभग 67 करोड़ की धनराशि पहुंच गई है।
केंद्र सरकार की ओर से संचालित इस योजना के जरिए अब तक जनपद में किसानों को करीब 354 करोड़ की धनराशि मिल चुकी है। सरकार ने इस योजना का संचालन वर्ष 2019 के फरवरी माह में प्रारंभ किया था जिसमें प्रत्येक किसान को हर साल 6000 रुपये की धनराशि तीन किस्तों में दिए जाने का प्रावधान है।
योजना के तहत अब तक किसानों को सात किस्तें मिल चुकी हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को इस योजना का लाभ दिलाने का काम किया है। अब वंचितों की जिम्मेदारी है कि सम्बंधित ब्लाक के राजकीय बीज भंडार अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क कर त्रुटियों में सुधार कराना होगा।
