मुरादाबाद: पुलिस लाइन में सौ पुलिसकर्मियों को मिलेगा नया घर

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मुरादाबाद, अमृत विचार। वर्ष 2021 पुलिसकर्मियों के लिए एक और राहत देगा। गैर जनपदों से जिले में आने वाले पुलिसकर्मियों को मकान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पुलिस लाइन में ही उनके रहने की व्यवस्था होगी। इसके लिए लाइन में एक अलग से बैरक बनेगा। 11 मंजिला भवन में करीब दो सौ पुलिसकर्मियों के ठहरने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। वर्ष 2021 पुलिसकर्मियों के लिए एक और राहत देगा। गैर जनपदों से जिले में आने वाले पुलिसकर्मियों को मकान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पुलिस लाइन में ही उनके रहने की व्यवस्था होगी। इसके लिए लाइन में एक अलग से बैरक बनेगा। 11 मंजिला भवन में करीब दो सौ पुलिसकर्मियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसे खासतौर पर गैर जनपदों से आने वाले और नई तैनाती पाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए बनवाया जा रहा है।

पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए लाइन में बैरक बनवाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जमीन का सर्वे करने के बाद प्रस्ताव मंजूरी के लिए पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया था। हालांकि काफी समय तक इसे शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिल सकी। कई बार पत्र भेजने के बाद शासन ने प्रस्ताव मंजूर करते हुए भवन निर्माण के लिए बजट मंजूर करने के साथ ही पहली किश्त भेज दी। पहले चरण में करीब पांच लाख का बजट मंजूर हो गया। इसके बाद 11 मंजिला भवन का निर्माण शुरू हो गया। इस वर्ष के मध्य तक भवन बनने की पूरी उम्मीद है।

गैरों के कब्जे में भी हैं पुलिस आवास
हर जिले में जवान व उनके परिजनों के रहने के लिए पुलिस लाइन व थानों में आवास बने हैं। इसके अलावा बैरक अलग है। ताकि गैर जिलों से तबादले पर आने वाले पुलिस कर्मियों को ठहरने के लिए भटकना न पड़े। क्योंकि आमद के बाद ऐसे लोगों को बैरक आवंटित होता है। ऐसे आवासों में अवैध कब्जा भी होता है। यह कब्जा करने वाले कोई और नहीं बल्कि पुलिसकर्मी ही होते हैं। गैरजनपदों में तबादला होने पर पुलिसकर्मियों का आवंटित मकान को खाली करना होता है। इसके बाद पुलिस लाइन से एनओसी मिलती है। यह एनओसी संबंधित जिले में जमा कराने के बाद ही तनख्वाह बनती है। अब यह बात दीगर है कि पुलिस कर्मी साठगांठ कर बिना आवास खाली किए ही एनओसी हासिल कर लेते हैं। मुरादाबाद जिले में यह तो यह बड़ी समस्या है, जिसकी वजह है कि पड़ोसी जिले अमरोहा व सम्भल में पुलिस लाइन न होने के कारण उन जिलों पर गए पुलिस कर्मी आवास खाली नहीं कर पा रहे हैं।

भवन निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। करीब दो सौ पुलिस कर्मियों के रहने की व्यवस्था है। भवन बनने के बाद गैर जनपदों से आने वाले पुलिस कर्मियों को काफी राहत मिलेगी।-इंद्रवीर सिंह, प्रतिसार निरीक्षक

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