बरेली: कुवैत में नौकरी के नाम पर बुलाया, तीन माह काटनी पड़ी जेल

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अमृत विचार, बरेली। कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक को टूरिस्ट वीजा थमाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। वीजा का समय खत्म होने के बाद युवक को कुवैत पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दो माह की जेल काटने के बाद उसे रिहा किया गया। बाद में कोरोना के चलते उसे कुवैत से …

अमृत विचार, बरेली। कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक को टूरिस्ट वीजा थमाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। वीजा का समय खत्म होने के बाद युवक को कुवैत पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दो माह की जेल काटने के बाद उसे रिहा किया गया।

बाद में कोरोना के चलते उसे कुवैत से इमरजेंसी प्लाइट से वापस भारत भेजा गया। फिर युवक को भोपाल के एक क्वारंटाइन सेंटर में रख दिया गया। बाद में किसी तरह युवक अपने घर पहुंचा जहां उसने कुवैत बुलाने वाले युवक की पत्नी से पैसे वापस मांगे तो उसने गाली-गलौच करके भगा दिया।

शिकायत के बाद भी पुलिस से उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब कैंट पुलिस ने एडीजी के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। कैंट थाना क्षेत्र के ठिरिया निजावत खां निवासी सगीर पुत्र समीर खां ने बताया कि गांव के ही रहने वाले वारिस अली से उसकी दोस्ती थी।

वारिस करीब दो साल से कुवैत में नौकरी कर रहा है। वारिस से जब सगीर की फोन पर बात होती तो उसने बताया कि तुम्हारा पासपोर्ट बना हुआ है। कुवैत आ जाओ तुम्हें डेंटर की नौकरी पर रखवा देंगे। 90 हजार रुपये सैलरी के लिए करीब चार से पांच लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

इसके बाद उसने दो साल का वीजा बनवाने की बात कही थी। उसने अपनी पत्नी को साढ़े तीन लाख रुपये देने की बात कही थी। युवक की बातों में आकर पीड़ित महिला को साढ़े तीन लाख रुपये दे आया। उसके बाद तीन माह बाद उसने कुवैत जाने का दो माह का लेबर वीजा भेज दिया।

बीज मिलने के बाद 8 अगस्त 2019 को वह कुवैत चला गया। कुवैत पहुंचने पर वारिस ने मेडिकल और सिविल आईडी बनाने के नाम पर करीब 80 हजार रुपय और ऐंठ लिए। इसके बाद वह मजदूरी करके छह माह तक अपना गुजारा करता रहा है मगर उसे नौकरी नहीं मिली।

इसी बीच कुवैत पुलिस ने अवैध रूप से रहने के मामले में उसे गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया। करीब तीन माह की जेल काटने के बाद वह वापस आया तो कोरोना के चलते लाकडाउन में वह फंस गया। वारिस को लगातार फोन करने के बाद भी उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद 13 मई 2020 को भारतीय दूतावास ने अस्थायी पासपोर्ट जारी करके वापस भारत भेजा।

इंदौर में उतरने के बाद भोपाल में उसे क्वारंटाइन किया गया। किसी तरह वह घर पहुंचा और वारिस की पत्नी से पैसे वापस मांगे तो उसने गाली-गलौच करके भगा दिया। युवक की तहरीर पर पुलिस ने वारिस अली और उसकी पत्नी शबाना पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।

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