बरेली: सादगी से मना उर्स ए हामिदी, कोरोना के खात्मे की मांगी दुआ
अमृत विचार, बरेली। आला हज़रत फाजिले बरेलवी के बड़े बेटे मुफ्ती हामिद रजा खान (हामिद मियां) का 80वां उर्स-ए-हामिदी सादगी से मनाया गया। इस मौके पर आला हजरत द्वारा स्थापित मदरसा मंजर ए इस्लाम से पढ़ाई पूरी कर छात्रों की दस्तारबंदी कर दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) के हाथों डिग्रियां सौंपी गईं। …
अमृत विचार, बरेली। आला हज़रत फाजिले बरेलवी के बड़े बेटे मुफ्ती हामिद रजा खान (हामिद मियां) का 80वां उर्स-ए-हामिदी सादगी से मनाया गया। इस मौके पर आला हजरत द्वारा स्थापित मदरसा मंजर ए इस्लाम से पढ़ाई पूरी कर छात्रों की दस्तारबंदी कर दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) के हाथों डिग्रियां सौंपी गईं।
वहीं, बढ़ती ठंड को देखते हुए दरगाह पर सुब्हानी मियां की ओर से जरूरतमंदों को लिहाफ व गद्दे बांटे गए। कोरोना काल के बीच हामिदी की रस्म सीमित संख्या में दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत में सादगी से दरगाह आला हजरत परिसर में अदा की गई।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स का आगाज सुबह फजर की नमाज के बाद कुरानख्वानी से हुआ। मुफ्ती मोइनुद्दीन बरकाती, शायर फारुक मदनपुरी और कारी रिजवान ने नात-ओ-मनकबत का नजराना पेश किया।
मदरसा मंजरे इस्लाम से पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों की दस्तारबंदी की गई। इसमें मदरसे के सदर (प्रधानाचार्य) मुफ्ती आकिल रजवी ने सभी छात्रों से कहा कि देश-दुनिया में फैलकर मजहब और मसलक ए आला हजरत के मिशन को कामयाब करें। कारी अब्दुर्रहमान कादरी, मुफ्ती अनवर अली, मुफ्ती जमील, मुफ्ती अफरोज आलम की मौजदूगी में शनिवार रात 10 बजकर 35 मिनट पर कुल की रस्म अदा की गई।
इसके बाद मुफ्ती अहसन मियां और मन्नान रजा खान ने देश में अमन के साथ कोरोना वायरस के खात्मे की दुआ मांगी। इस मौके पर शाहिद नूरी, हाजी जावेद खान, अजमल नूरी, मंजूर खान, परवेज नूरी, औरंगजेब नूरी, ताहिर अल्वी, शान रजा, आलेनबी, इशरत नूरी, सय्यद फरहत, सय्यद फैजान नूरी, आसिफ रजा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दरगाह ताजुश्शरिया पर भी मनाया गया कुल
आला हजरत के बड़े बेटे हामिद मियां का 80वां एक रोजा उर्स-ए-हामिदी शान-ओ-शौकत से दरगाह ताजुश्शरिया पर काजी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती और जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां की सदारत में अदा की गई। उर्स-ए-हामिदी का आगाज सुबह दरगाह ताजुश्शरिया पर कुरानख्वानी से हुआ।
शाम को मगरिब की नमाज के बाद 7 बजकर 14 मिनट पर ताजुश्शरिया के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। रात को 10बजकर 35 मिनट पर हामिद मियां के कुल की रस्म अदा की गई। अंत में मुफ्ती असजद मियां की खुसूसी दुआ के साथ एक रोज़ा उर्स-ए-हामिदी का समापन हुआ। महफिल की निजामत मौलाना गुलजार और मौलाना शम्स ने की। उर्स-ए-हामिदी का कार्यक्रम ओडियो लाइव प्रसारण के जरिए बरेली सहित दुनिया भर में ऑनलाइन भी आयोजित किया गया।
इस मौके पर हुस्साम मियां, हुम्माम मियां, मुफ्ती आशिक हुसैन, फरमान मियां, मौलाना शम्स रजा, मुफ्ती नश्तर फारुकी, मुफ्ती अफजाल रजवी, मुफ्ती सूफी लाल, मौलाना काजी मुश्ताक, कारी काजिम, मौलाना सय्यद अजीमुद्दीन अजहरी, मौलाना शाकील रजा, मौलाना सय्यद सैफ अली कादरी, कारी शर्फोद्दीन, सय्यद फुरकान मियां, समरान खान, डा. मेहंदी हसन, मोईन खान, बख्तियार खां समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
