मंडल में आठ गांव बने मॉडल, 20 और किए जाएंगे चिन्हित

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। खेती के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन करने के लिए शासन की ओर से चलाई गई मॉडल ग्राम योजना की शुरूआती सफलता के बाद इसका दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिसके चलते मृदा परीक्षण विभाग की ओर से मंडल के आठ गांवों को मॉडल बनाया गया। इसके बाद अब 20 गांवों …

मुरादाबाद, अमृत विचार। खेती के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन करने के लिए शासन की ओर से चलाई गई मॉडल ग्राम योजना की शुरूआती सफलता के बाद इसका दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिसके चलते मृदा परीक्षण विभाग की ओर से मंडल के आठ गांवों को मॉडल बनाया गया। इसके बाद अब 20 गांवों को ओर मॉडल बनाने के लिए चिन्हित किया जा रहा है। यहां किसानों को जैविक खेती का जमीनी ज्ञान दिया जाएगा। इसके साथ ही खेतों में रासायनिक खाद का प्रयोग न करने और फसल चक्र के प्रति जागरुक किया जाएगा।

मिट्टी की सेहत सुधारने के प्रति किसानों को जागरूक करने का बीड़ा मृदा परीक्षण विभाग ने उठा रखा है। इसी क्रम में विभाग की ओर से वर्ष 2019-20 में मंडल क्षेत्र के आठ गांवों को मॉडल गांव के रूप में चिन्हित किया गया था। जिसमें मिट्टी की गुणवत्ता को निखारने, फसल चक्र, रासायनिक खाद के प्रयोग पर रोक के लिए गांवों में जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही काम किया गया। मिट्टी के नमूने की प्रयोगशाला में जांच कराई गई, जिस पोषक तत्व की मिट्टी में कमी मिली, उसकी पूर्ति के लिए किसानों को जागरूक किया गया।

इसी प्रकार मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बढ़ाकर फसल की उपज बढ़ाने का विभाग का प्रयास है। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सहायक निदेशक राजकुमार ने बताया कि मॉडल के रूप में चिन्हित किए गांव में कुल 3390 मिट्टी के नमूने भी लिए गए हैं। सभी नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की गई। इस दौरान मिट्टी में मौजूद 12 प्रकार के तत्वों की मात्रा देखी गई, जो भी तत्व मिट्टी में कम मिला। उसके बारे में किसानों को बताया गया। साथ ही किसान को मिट्टी के कमजोर तत्व को मजबूत कराने के तरीकों के बारे में बताया गया। किसानों को हरी खाद, कृषि चक्र आदि के बारे में भी जानकारी दी गई।

ये हैं मॉडल गांव
मुरादाबाद का रसूलपुर नवाता, छजलैट का ढेली विश्नोई, भगतपुर टांडा का चूहा नंगला, मुंढापांडे का सलेमपुर, कुंदरकी का ऊंचाकानी, बिलारी का अहलादपुर, डिलारी का जमशेदपुर और ठाकुरद्वारा का गंडूवाला

20 गांव और किए जा रहे चिन्हित
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सहायक निदेशक राजकुमार ने बताया कि इसी प्रकार मंडल के 20 और गांवों को भी मॉडल गांव के लिए चिन्हि्त किया जा रहा है। मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को जानकारी भी दी जा रही है, जिस भी किसान के खेत से मिट़्टी ली जाती है, उस किसान को मृदा स्वास्थ्यकार्ड भी दिया जा रहा है। इस कार्ड में मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए बातें उल्लिखित होती हैं। साथ ही जैविक खेती का प्रदर्शन किया गया और किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर जैविक खाद, बीज, कीटनाशक आदि उपलब्ध कराए गए।

12 तत्वों की होती है जांच
मॉडल गांव की मिट्टी में 12 पैरामीटर की जांच की जाती है, जिसमें पीएच, ईसी, आर्गेनिक कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, सल्फर, जिक, बोरोन, आयरन, मैगनीज, कॉपर शामिल हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसान को पता चल जाएगा कि खेत में किन पोषक तत्वों की कमी है। किसानों को बताया जाता है कि खेत में कौन-कौन से पोषक तत्व हैं, ताकि वह जरूरत के हिसाब से उर्वरक का प्रयोग कर सकें। इससे खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की हालत सुधरेगी।

जागरुकता के साथ कराया जा रहा भ्रमण
मॉडल के रूप में चयनित गांव में कृषि विभाग की तरफ से विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। जिसमें कृषि वैज्ञानिकों की ओर से खेती-बारी से जुड़ी जानकारी दी जा रही हैं। साथ ही आसपास के गांव के किसानों को भी आंमत्रित किया जा रहा है, ताकि वे भी जानकारी प्राप्त कर कम लागत में अच्छी पैदावार ले सकें।

मॉडल ग्राम योजना के तहत जिले के 8 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही 20 गांवों को चिन्हित किया जा रहा। जहां मिट्टी की गुणवत्ता खराब, रासायनिक खाद का अधिक उपयोग हो रहा हैं, उन गांवों को मॉडल गांव में शामिल किया जा रहा है। -ऋषुता तिवारी, जिला कृषि अधिकारी

संबंधित समाचार