‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में मददगार होगा रेलवे का नया फ्रेट पोर्टल
संजय सिंह, नई दिल्ली। रेलवे के नए फ्रेट बिजनेस डेवलपमेंट पोर्टल के जरिये अब ट्रेनों से माल को न केवल किफायती दर पर एक जगह से दूसरी जगह आसानी से पहुचाना संभव होगा, बल्कि उसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव होगी। मंगलवार को रेल, वाणिज्य व उद्योग तथा उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष …
संजय सिंह, नई दिल्ली। रेलवे के नए फ्रेट बिजनेस डेवलपमेंट पोर्टल के जरिये अब ट्रेनों से माल को न केवल किफायती दर पर एक जगह से दूसरी जगह आसानी से पहुचाना संभव होगा, बल्कि उसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव होगी। मंगलवार को रेल, वाणिज्य व उद्योग तथा उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने इस फ्रेट पोर्टल को विधिवत लांच किया।
ये डेडिकेटेड फ्रेट बिजनेस पोर्टल अपनी तरह का पहला पोर्टल है जिसे पूरी तरह ग्राहकों की जरूरतों के मुताबिक विकसित किया गया है। इससे मालगाडियों के मार्फ़त माल की ढुलाई पहले के मुकाबले काफी आसान और झंझट रहित हो जाएगी। ये पोर्टल फ्रेट ग्राहकों की हर आवश्यकता का ‘वन स्टाप, सिंगिल विंडो’ समाधान पेश करता है। रेलमंत्री की माने तो ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिहाज से ये पोर्टल कारोबारियों के साथ-साथ रेलवे के लिए भी ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है।
आपको बता दें कि कोरोना लाकडाउन के दौरान जब पूरे देश में आम जीवन अस्त-व्यस्त था और व्यापारिक गतिविधियां प्रायः ठप पड़ गई थीं तब रेलवे ने अपनी मालगाडियों के माध्यम से तमाम जरूरी वस्तुएं देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुचाई थीं। संकट के उस दौर में तमाम अड़चनों के बावजूद रेलवे ने सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में अब तक की सर्वाधिक माल ढुलाई कर आपदा को अवसर में बदलने का नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
यात्री ट्रेनों के सीमित संचालन की मजबूरी के बीच रेलवे ने अपनी इसी कामयाबी को भविष्य का मंत्र बनाते हुए अपने मुनाफे वाले फ्रेट बिजनेस यानी माल यातायात को प्राथमिकता बनाने का निर्णय लिया है। रेलमंत्री गोयल ने इसकी तस्दीक करते हुए कहा कि फ्रेट बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले छह वर्षों के दौरान रेलवे ने हर मोर्चे पर असाधारण विकास हासिल स्वयं को भविष्य के लिए तैयार कर लिया है।
