अयोध्या: … जब घासफूस के झुरमुट से अचानक आने लगी रोने की आवाज
अयोध्या। नवजात को जन्म देने के बाद किसी ने घासफूस में फेंक दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना रौनाही थाने की पुलिस चौकी सत्तीचौरा क्षेत्र के देवराकोट गांव के पास की है। गुरूवार की सुबह ग्रामीणों ने नवजात के रोने की आवाज सुनी तो तलाश शुरू …
अयोध्या। नवजात को जन्म देने के बाद किसी ने घासफूस में फेंक दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना रौनाही थाने की पुलिस चौकी सत्तीचौरा क्षेत्र के देवराकोट गांव के पास की है। गुरूवार की सुबह ग्रामीणों ने नवजात के रोने की आवाज सुनी तो तलाश शुरू की। तलाश में घासों के झुरमुट में ढकी एक बच्ची मिली।

कुछ ही देर में नवजात पाए जाने की खबर फैल गई। सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए। लोगों का कहना था कि नवजात का जन्म बामुश्किल 24 घण्टे के भीतर का लगता है। भीड़ देखकर उधर से गुजर रहे शिक्षक डीएल गोस्वामी ने मामले की जानकारी ली। उन्होनें रौनाही पुलिस को सूचित किया।
सूचना पर पहुंचे सत्तीचौरा पुलिस चौकी प्रभारी देवेन्द्र नाथ राय ने बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची को पुलिस के साथ लेकर महिला जिला अस्पताल पहुंचे शिक्षक डी एल गोस्वामी ने बताया कि नवजात शिशु एक दिन की दिख रही थी। उसके नाक के खून निकल रहा था।
हालांकि अब नवजात बच्ची स्वस्थ्य है और एनएसयूआई में भर्ती है। वहीं रूपा पत्नी सन्तोष कोरी निवासी देवराकोट ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। रूपा के तीन बेटे ही हैं। उनकी इच्छा एक बेटी की है। जिसके चलते लावारिस को अपनाना चाहती हैं।
