बरेली: पुलिस और बीडीए की तैयारी आई काम, उपद्रवियों के मंसूबे नाकाम

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अमृत विचार, बरेली। बिकरू कांड की तरह कोई वारदात न हो जाए। इसके लिए रामगंगा नगर आवासीय योजना के क्षेत्र में धार्मिक स्थलों पर जेसीबी चलाने से पहले पुलिस और बीडीए ने पूरी तैयारी के साथ खाका तैयार किया था, जिसके कारण उपद्रव करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर गया। पास के गांवों के …

अमृत विचार, बरेली। बिकरू कांड की तरह कोई वारदात न हो जाए। इसके लिए रामगंगा नगर आवासीय योजना के क्षेत्र में धार्मिक स्थलों पर जेसीबी चलाने से पहले पुलिस और बीडीए ने पूरी तैयारी के साथ खाका तैयार किया था, जिसके कारण उपद्रव करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर गया। पास के गांवों के युवाओं की भीड़ धार्मिक स्थल की ओर जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस उन्हें रोकने में कामयाब हो गई। इसके कारण टीम पर हमला करने वाले लोगों ने पत्थर फेंके लेकिन दूरी होने के कारण किसी अधिकारी और पुलिसर्मी चोटिल नहीं हुआ। करीब आठ घंटे तक चले बवाल के बाद भी कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। इतना जरूर था कि कुछ महिलाएं भावुक होकर रोने लगी।

हालांकि, इस बवाल में पत्थरबाजी बीडीए की अधिग्रहित भूमि क्षेत्र में अवैध कब्जा करके बने धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करने के पहले पुलिस गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे पहुंच गई। सेक्टर-2 में स्थित दोनों धार्मिक स्थल आसपास बने हुए हैं। इसके सामने डोहरा रोड से बिचपुरी गांव को जाने वाला मार्ग है। पुलिस और पीएसी के जवानों ने सबसे पहले इस मार्ग को आमजन के आने के लिए अवरुद्ध कर दिया। इसके बाद बीडीए की टीम प्राधिकरण की रामगंगा आवासीय योजना की जमीन में आ रहे धार्मिक स्थलों को गिराने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।

प्राधिकरण के वीसी के निर्देश पर टीम ने पैमाइश की तो पाया कि धार्मिक स्थल का बरामदा कब्जा कर निर्माण किया गया है। इस पर टीम ने उसे जेसीबी से तोड़ दिया, जबकि इससे थोड़ी दूरी पर स्थित दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थल की पैमाइश में पाया गया कि जिस जमीन पर बना है, वह रास्ते की भूमि है। इसके बाद जेसीबी से ध्वस्त करने का कार्य शुरू किया। लेकिन एक समुदाय के सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। दूर से टीम पर भीड़ ने पथराव कर किया और मौजूद कुछ लोगों ने विकास प्राधिकरण की टीम के साथ बहस करते हुए हाथापाई भी की।

मौके पर पुलिस बल कम देखकर आक्रोशित लोग भारी पड़ने लगे और कुछ महिलाएं धारदार हथियार लेकर सड़कों पर उतर आईं, जिसे देखकर कुछ समय के लिए पुलिस पीछे हट गई। लेकिन इसके बावजूद सबसे खास तो यह रहा कि बिचपुरी चंद्रपुर के ग्रामीण जब धार्मिक स्थल पर पहुंचने के लिए निकले तो पुलिस उनको रोकने में कामयाब हो गई। लेकिन आक्रोशित लोग डोहरा रोड पर बवाल करने पर उतारू हो गए। इस पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इसके कारण भीड़ भाग खड़ी हुई। मामला आगे न बढ़े इसके लिए गांव में चार थानों की पुलिस और पीएसी के जवान गांवों को घेर लिए, जिसके कारण बवाल करने वाली भीड़ दूर खड़ी होकर मूकदर्शक बन गई।

बिचपुरी गांव के 450 मकानों का अस्तिव होगा समाप्त
बीडीए की रामगंगा नगर आवासीय योजना की भूमि को खाली कराने में जिम्मेदार अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। स्थिति यह है कि कई वर्षों से बीडीए अपनी भूमि खाली करने के लिए तरस रहा है। रामगंगा नगर आवासीय योजना के लिए ली गई भूमि का पेच अभी तक नहीं निकल पाया है। बीडीए मुआवजा देने को तैयार है, लेकिन कुछ किसान उसे लेने को राजी नहीं हो रहे हैं। बीडीए की भूमि पर कुछ किसान खेती कर अपनी जेब भर रहे हैं। बीडीए के लिए इसी क्षेत्र में पड़ने वाले 450 मकान ध्वस्त करना चुनौती साबित हो रहा है।

बीसलपुर रोड पर बीडीए का रामगंगा आवासीय योजना पर काम चल रहा है। जमीन का अधिग्रहण करने के बाद बीडीए 90 फीसदी किसानों को मुआवजा भी दे चुका है। कुछ किसानों ने मुआवजे की रकम नहीं ली है। इस वजह से कार्य कराना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं कुछ ने तो भूमि को गलत तरीके से बेच भी दिया है। ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत साइंस एंड टेक्नालॉजी पार्क के बांउड्री निर्माण भी शुरू हो गया है। बीसलपुर रोड से डोहरा रोड को मिलाने वाली 45 मीटर चौड़ी जोनल सड़क का निर्माण अभी हाल में ही कब्जा हटाने के बाद सड़ निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।

इसी तरह सब से बड़ा पेच तो बिचपुरी गांव की भूमि को लेकर फंसा हुआ है। यहां पर करीब 450 भवन बीडीए के क्षेत्र में आ रहे है। जिनको ध्वस्त करने के लिए नोटिस भेजा गया है। इन भवन स्वामियों को मुआवजा देने के लिए बुलाया जा रहा है। अब देखना है कि बीडीए इन मकानों पर कब कार्रवाई करता है। इसको लेकर गांव के लोगों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मकान बनाने के लिए उनके पास कोई दूसरी जगह नहीं है।

धरातल पर उतरे ड्रीम प्रोजेक्ट तो संवर जाए इलाका
रामगंगा नगर आवासीय योजना के क्षेत्र में गाजियाबाद की तर्ज पर विज्ञान एंड टेक्नोलाजी पार्क इसी साल बन जाना है। पार्क के निर्माण के लिए बांउड्री तैयार की जा रही है। इसमें सात एकड़ जमीन पर साइंस पार्क का निर्माण किया जाना है। साइंस पार्क में बच्चे खेल-खेल में ही भौतिक विज्ञान के मूलभूत सिद्धांत उत्तोलक कैसे काम करते हैं, गुरुत्वाकर्षण आदि के बारे में ज्ञान हासिल कर सकेंगे।

इसमें बच्चों के मनोरंजन के साथ ज्ञान हासिल करने के लिए विशेष संसाधन लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। इसमें रामगंगा नगर में जापान के वनस्पति विज्ञानी पद्धति पर करीब 8.50 हेक्टेयर भूमि पर सिटी फॉरेस्ट विकसित करने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस पद्धति की खासीयत यह है कि इससे तैयार होने वाले जंगल लगभग दो साल में घने हो जाते हैं। इसमें लोगों को घने जंगल में घूमने जैसा अहसास होगा।

प्रोजेक्ट एक नजर में

7 एकड़ में साइंस पार्क
8.50 हेक्टेयर भूमि पर सिटी फॉरेस्ट
15 करोड़ से फारेस्ट सिटी
2.28 करोड़ किसानों को मुआवजा
कुल 47 करोड़ का बजट

सपा नेता के साथ बीडीए वीसी से मिला प्रतिनिधि मंडल
विकास प्राधिकरण ने चंद्रपुर बिचपुरी गांव में स्थित एक धार्मिक स्थल को अतिक्रमण के नाम पर तोड़े जाने पर समाजवादी पार्टी महानगर उपाध्यक्ष हैदर अली घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि दोनों धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई के पहले गांव वालों को विश्वास लिया जाना चाहिए था।

पुलिस के अलावा कोई प्रशासनिक अधिकारी नही था। यह कार्य जनविरोधी नीति के विरुद्ध है। सपा महानगर उपाध्यक्ष एवं पैगाम ए इमाम हुसैन संस्था के संरक्षक ने कहा कि किसी की भावना से खिलवाड़ करना भाजपा सरकार की आदत बन गई है। एसडीएम सदर ने कागजात दिखाए हैं। उन्होंने बताया कि बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह से वार्ता के लिए एक शिष्टमंडल मिला है। इसमें हकीम आहिद, हुसैन, मुश्ताक, हसनैन से 40 मिनट की वार्ता में तय हुआ कि अब मामल दरगाह ए आला हजरत के उलेमा और बरेली प्रशासन निपटाएगा, जो फैसला दरगाह का होगा वो हम सब मानेंगे। इस दौरान नवी रजा खां, सलीम अब्बासी, फिरासत मंसूरी आदि मौजूद रहे।

सेक्टर 2 में चंद्रपुर बिचपुरी में अर्जित भूमि से अतिक्रमण कर गाटा संख्या 650 में स्थित कब्रिस्तान से सटी भूमि के गाटाओं में स्थानीय लोगों ने निर्माण किया था। इसको लेकर हसनैन आदि ने आपत्ति दी गई, जिसकी पैमाइश कराई गई थी। इसमें पुराने धार्मिक स्थल को छोड़कर दूसरी जगह पर एक धार्मिक स्थल का निर्माण करा दिया गया था। इसका सीमांकन करने के बाद दोनों धार्मिक स्थलों के जिम्मेदारों से सहमति ली गई थी, जो अवैध निर्माण था, उसे पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ गिरा दिया गया है। -जोगिंदर सिंह, बीडीए वीसी

बीडीए की टीम ने डोहरा के पास धार्मिक स्थलों से अतिक्रमण हटाया गया था। इस दौरान दोनों समुदाय के लोग वहां पर जुटे थे। हालांकि, किसी तरह की कोई अप्रीय घटना नहीं हुई। न ही किसी ने पुलिस को कोई तहरीर सौंपी है।-रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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