बरेली: बदायूं की घटना को लेकर बरेली में भी उबाल, प्रदर्शन
अमृत विचार, बरेली। बदायूं के एक मंदिर में महिला की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या करने की घटना को लेकर बरेली में भी उबाल है। आप समेत कई संगठनों ने विरोध करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आप कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर सेठ दामोदर स्वरुप पार्क में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने …
अमृत विचार, बरेली। बदायूं के एक मंदिर में महिला की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या करने की घटना को लेकर बरेली में भी उबाल है। आप समेत कई संगठनों ने विरोध करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आप कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर सेठ दामोदर स्वरुप पार्क में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने महिलाओं पर हो रहे अन्याय को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन विफल हो रहा है।
बदायूं पुलिस जघन्य घटना को दो दिन तक छिपाए रही। मामले में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई। यहां धरना देकर सभी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष इंजीनियर जनक प्रसाद ने कहा कि बदायूं की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। महिलाओं के साथ बढ़ रही घटनाओं को लेकर हर वर्ग चिंतित है।
आप कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अधिकारी को सौंपा। जिसमें मांग की है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। बदायूं की घटना के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पीड़ित परिवार को मिले 25 लाख मुआवजा
बदायूं में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गुरुवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में बदायूं के उघैती पहुंचा। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और दुख-दर्द सुना। उनको भरोसा दिलाया पार्टी उनके साथ खड़ी है।
जिलाध्यक्ष मौर्य ने कहा कि अगर पुलिस चाहती तो घटना व महिला की जान बच सकती थी। सरकार से 25 लाख रुपये की सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए प्रकरण की जांच भी सीबीआई से कराने की मांग की है।
सपा के वरिष्ठ नेता हेमंत सिंह ने कहा कि उघैती की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, जल्द आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की। जांच कमेटी में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप, बदायूं के जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, सहसवान विधायक प्रेमपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक आशीष यादव, हेमंत राना, ओमकार यादव समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
