बरेली: न चौड़ी सड़क न आने-जाने का साधन, दृष्टिबाधित व मानसिक मंदित बच्चों के भवन
अमृत विचार, बरेली। दृष्टबाधित और मानसिक मंदित बालक-बालिकाओं को एक ही छत के नीचे, रहने-खाने, पढ़ाई और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार 29 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है। लेकिन तीनों परियोजनाओं में छात्रावास, स्कूल और अस्पताल ऐसे जगह पर बनवाए जा रहे हैं, जहां पर न आने-जाने का कोई …
अमृत विचार, बरेली। दृष्टबाधित और मानसिक मंदित बालक-बालिकाओं को एक ही छत के नीचे, रहने-खाने, पढ़ाई और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार 29 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है। लेकिन तीनों परियोजनाओं में छात्रावास, स्कूल और अस्पताल ऐसे जगह पर बनवाए जा रहे हैं, जहां पर न आने-जाने का कोई साधन है और न ही चौड़ी सड़क है। इनकी बिल्डिंगें शहर से दूर बदायूं रोड पर पटेल बिहार में मुख्य सड़क से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बनाई जा रही हैं। जिस सड़क से भवनों तक आना-जाना है। वह संकरी होने के साथ कई स्थानों पर कुछ घुमावदार भी है।
वर्तमान में भी सड़क पर कई जगह पानी भरा है। सड़क भी बारिश में हर वक्त पानी से लबालब रहती है। सुविधाएं देने वाले भवनों के लिए जिला प्रशासन ने भूमि तो उपलब्ध कराई, लेकिन भूमि चयन के दौरान यह नहीं देखा गया कि जहां पर भूमि चिह्नित की गई है। वहां आने-जाने का साधन क्या रहेगा। प्रशासन यह अच्छे से जानता था कि यहां पर नार्मल नहीं, बल्कि दृष्टि बाधित और मानसिक मंदित बालक-बालिकाओं व उनके अभिभावकों को आना-जाना रहेगा।
बदायूं रोड पर पटेल बिहार में 7.92 करोड़ रुपये की लागत से मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र (आवासीय) बन रहा है। इसे यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड बनवा रही है। 13.81 करोड़ रुपये की लागत से नवीन स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित आवासीय विद्यालय का भवन तैयार हो रहा है। विद्यालय यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड बनवा रहा है। पास में ही 7.52 करोड़ रुपये से नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदित बालिका विद्यालय का निर्माण उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (पूर्ववर्ती पैकपैड) करा रहा है।
17 दिसंबर, 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब बरेली दौरे पर आए, तब मुख्यमंत्री के हाथों तीनों परियोजाओं का शिलान्यास कराया गया। यहां पर 100-100 बच्चों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। डाक्टर, शिक्षक और कर्मचारियों के रहने के लिए आवास भी बनाए जा रहे हैं।
मंडलायुक्त ने निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय के भवन का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने शुक्रवार दोपहर नवीन स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित आवासीय विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। आवासीय विद्यालय की बाउंड्री तैयार हो गई है। नक्शे के अनुसार कालम खड़े किए जा रहे हैं। कमरों की नींव निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मंडलायुक्त ने बाउंड्री में लगी ईंटों, सीमेंट और बजरफुट की गुणवत्ता की जानकारी ली।
मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को गुणवत्ता से खिलवाड़ न करने की चेतावनी दी है। निर्माण कार्य दिसंबर, 2020 से शुरू हुआ है।
