बरेली: 20 फरवरी के बाद होगा दीक्षांत समारोह
बरेली,अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 20 फरवरी से 11 मार्च के बीच हो सकता है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह को लेकर हुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय निर्धारित समय में किसी एक दिन की तारीख देने के लिए राजभवन को प्रस्ताव भेजेगा। विश्वविद्यालय राजभवन को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों …
बरेली,अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 20 फरवरी से 11 मार्च के बीच हो सकता है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह को लेकर हुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय निर्धारित समय में किसी एक दिन की तारीख देने के लिए राजभवन को प्रस्ताव भेजेगा। विश्वविद्यालय राजभवन को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से समारोह कराने का भी प्रस्ताव भेजेगा। कुलाधिपति की अनुमति के बाद समारोह कराया जाएगा।
दीक्षांत समारोह को लेकर शुक्रवार को विश्वविद्यालय के मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन सभागार में कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने एक बैठक की। इसमें बताया गया कि कोविड 19 के कारण यह दीक्षांत समारोह पूर्व में हुए समारोह से अलग होगा। भीड़ कम करने के उद्देश्य से ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीके से कराया जाएगा। यदि ऑनलाइन कराया गया तो करीब 200 लोगों को बुलाया जाएगा। इनमें गोल्ड मेडल और डिग्री वाले छात्र शामिल होंगे। यदि ऑफलाइन हुआ तो 500 से अधिक लोगों को नहीं बुलाया जाएगा। कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक को गोल्ड मेडलिस्ट और डिग्रीधारकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
ड्रेस कोड होगा लागू
दीक्षांत समारोह में पूर्व से निश्चित प्रोटोकॉल के अनुसार ही ड्रेस कोड का अनुपालन होगा। सर्दियों में छात्र कोट-पैंट और छात्राएं साड़ी व कोट पहनकर आएंगी। कुलपति ने जल्द ही तैयारियों को लेकर कमेटियां बनाने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डा. अमित सिंह ने बताया कि ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से दीक्षांत कराने की तैयारी की जा रही है। इस बार ओपन के बजाय किसी हाल में दीक्षांत समारोह का आयोजन कराया जा सकता है।
शोधार्थियों के लिए 24 घंटे खुल सकता है पुस्तकालय
दीक्षांत समारोह को लेकर हुई बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की। कुलपति ने विभागीय पुस्तकालयों एवं केंद्रीय पुस्तकालय की व्यवस्था को सुचारू करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि शोध छात्र निरंतर अपने कार्य में लिप्त रहे। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके लिए प्रयोगशालाओं की समय सीमा को समाप्त करना होगा। उन्हें छात्रों के लिए हर वक्त तैयार रखना होगा। पुस्तकालय को जेएनयू की तरह 24 घंटे के लिए खोलना होगा।
कुलपति ने सभी शिक्षकों से कहा कि सभी फंडिंग एजेंसियों को सितंबर से मार्च तक के भीतर ही रिसर्च प्रपोजल भेजने होते हैं। जो इस वर्ष कोविड की वजह से विलंबित हुए हैं। जिसे इस वर्ष जनवरी के अंत तक जरूर भेज दें। उन्होंने शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय सहकार्यता (इंटरनेशनल कोलेबोरेशन) स्थापित करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने वित्तीय संसाधनों को विकसित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने छात्रावासों के निरीक्षण के बाद कहा कि छात्र अमीर हो या गरीब, हम उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमें सभी छात्रों को समान भाव से सभी सुविधाएं प्रदान करनी होंगी और उनके अभिभावकों की तरह कार्य करना होगा। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अवकाश का लेखा-जोखा भी तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
