मुरादाबाद: अब मिग-21 बढ़ाएगा अंबेडकर पुलिस अकादमी की शोभा

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मुरादाबाद,अमृत विचार। लंबी कवायद के बाद अब मिग-21 सुपर सोनिक लड़ाकू जेट विमान डा. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी की शोभा बढ़ाएगा। पुलिस की पाठशाला कही जाने वाली अकादमी में सीखने आने वाले प्रशिक्षु अब इस विमान के बारे में विस्तार से जानेंगे, जबकि अभी तक वह द्वितीय विश्वयुद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के इतिहास …

मुरादाबाद,अमृत विचार। लंबी कवायद के बाद अब मिग-21 सुपर सोनिक लड़ाकू जेट विमान डा. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी की शोभा बढ़ाएगा। पुलिस की पाठशाला कही जाने वाली अकादमी में सीखने आने वाले प्रशिक्षु अब इस विमान के बारे में विस्तार से जानेंगे, जबकि अभी तक वह द्वितीय विश्वयुद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के इतिहास से रूबरू होते थे। वायु सेना के अफसरों की पहल पर मिग-21 विमान रविवार को लखनऊ से पुलिस अकादमी भेज दिया गया। जबकि करीब 14 साल से अकादमी की शोभा बढ़ा रहा हरिकेन विमान वायु सेना के दिल्ली स्थित म्यूजियम की शान बढ़ाएगा।

पुलिस की पाठशाला भीमराव आंबेडकर अकादमी में दारोगा से लेकर आईपीएस स्तर तक के अफसर पुलिस की बारीकियां सीखते हैं। जहां पर उनको इनडोर आउटडोर कोर्स के साथ ही शारीरिक रूप से दुश्मनों से निपटने का कठिन प्रशिक्षण दिया जाता है। पढ़ाई के अलावा उनको भारतीय सेना के गौरवशाली क्षण और युद्ध के संबंध में भी जानकारी दी जाती है।

अभी तक हरिकेन विमान का बताया जाता था इतिहास
अभी तक प्रशिक्षुओं को द्वितीय विश्व युद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के संबंध में जानकारी दी जाती थी। दरअसल द्वितीय विश्वयुद्ध (1936-1945) के बीच लड़ा गया। तब हरिकेन विमान इंग्लैंड की सेना का प्रमुख युद्धक विमान में गिना जाता था। इस युद्ध में विमान की सफलता के बाद इसको खरीदकर भारतीय वायुसेना में भी शामिल कर लिया गया था। मशीन गन से लैस यह विमान 227 किलो का बम भी ले जा सकता था। यह विमान सिविल लाइंस क्षेत्र के चक्कर की मिलक में 1967 में आपात स्थिति में मुरादाबाद में उतारा गया था। जीर्णोद्धार के बाद विमान को पुलिस अकादमी में रखवा दिया गया था। इसके बाद इसे 23वीं वाहिनी पीएसी को सुपुर्द कर दिया गया था। 21 दिसंबर 2006 को तत्कालीन एडीजी सीबी सत्पथी ने हरिकेन विमान का फिर से जीर्णोद्धार कराकर दुबारा पुलिस अकादमी की आफीसर्स मेस के पास रखवाया दिया था। विमान के संबंध में पूरी जानकारी एक शिलापट पर अंकित की गई है। तब से यह विमान यहां की शोभा बढ़ा रहा था।

अब मिग 21 विमान बढ़ाएगा शोभा
कई माह पहले भारतीय वायु सेना के आला अफसरों ने हरिकेन विमान को वापस मांगा था, इसके बदले उन्होंने मिग-21 सुपर सोनिक लड़ाकू जेट विमान देने की पेशकश की थी। पत्राचार के बाद शासन स्तर पर विमान के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। काफी मशक्कत के बाद शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद रविवार को मिग-21 विमान लखनऊ एयरफोर्स से पुलिस अकादमी पहुंच गया। यह विमान अब हरिकेन के स्थान पर रखा जाएगा। साथ ही इसकी पूरी जानकारी शिलापट पर अंकित की जाएगी। बताते हैं कि करीब 44 साल पुराना यह विमान हवा से हवा में मिसाइल मार गिराने व जमीन पर हमला करने में सक्षम है। इसके अलावा एक हजार किलो तक के वजन वाले विभिन्न तरह के बम ले जाने की भी क्षमता है।

मिग-21 विमान पुलिस अकादमी आ गया है। यह विमान लखनऊ से आया है। जबकि हरिकेन विमान वायुसेना के म्यूजियम में भेजा जाएगा। अब प्रशिक्षुओं के इस विमान के संबंध में जानकारी दी जाएगी। -राजीव कृष्ण, एडीजी, पुलिस अकादमी

 

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