बरेली कॉलेज में निर्माण में गड़बड़ी मामले में सात बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट

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बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों की जांच एक बार फिर से तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता के एक पत्र के बाद फिर से कॉलेज प्रबंधन में खलबली मच गई है। अधिशासी अभियंता ने विवेचना में साक्ष्य जुटाने के लिए प्राचार्य से सात …

बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों की जांच एक बार फिर से तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता के एक पत्र के बाद फिर से कॉलेज प्रबंधन में खलबली मच गई है। अधिशासी अभियंता ने विवेचना में साक्ष्य जुटाने के लिए प्राचार्य से सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इसके तहत निविदा आमंत्रण, अनुबंध समेत कई बिंदुओं पर जवाब देने के लिए कहा है।

बता दें कि बरेली कॉलेज में परीक्षा भवन निर्माण, कर्मचारी आवास, सीसी मार्ग, टीन शेड, शौचालय निर्माण आदि के काम कराए गए थे। इन कामों में गड़बड़ी की शिकायत की जांच तीन साल पहले कमिश्नर ने कराई थी। उसके बाद बारादरी थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उसी समय से मामले में जांच चल रही है।

इस मामले में एसएसपी ने सितंबर में मामले की जांच लोक निर्माण विभाग से कराने का पत्र लिखा था। इसके बाद बरेली कॉलेज के प्राचार्य के समक्ष निविदा प्रबंधन समिति के सदस्यों अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग सहायक अभियंता व इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच के द्वारा अभिलेखों का संयुक्त परीक्षण किया गया। इसके बाद 7 बिंदुओं पर साक्ष्य के तौर पर अभिलेखों की जरूरत हुई है।

जिन बिंदुओं पर अभिलेख मांगे गए हैं, उसके मुताबिक बिना किसी समाचार पत्र में प्रकाशित कराकर सिर्फ नोटिस बोर्ड पर जारी कर ठेकेदारों को कार्य करने का आदेश जारी किया गया। एक ही अनुबंध की लागत पर दो से तीन गुना तक काम कराया गया। कार्यों की तकनीकि स्वीकृत सक्षम अधिकारी से प्राप्त नहीं की गई। परीक्षा भवन व ग्राउंड फ्लोर के लिए टेंडर किए गए लेकिन उसके बाद बिना टेंडर किए उसी भवन पर प्रथम व द्वितीय फ्लोर बना दिया गया।

निर्माण कार्यों का एस्टीमेट किसी सरकारी विभाग से जांच नहीं करायी गई। बिना किसी सत्यपान के भुगतान किया गया। यहां तक कि कंपनी का रजिस्ट्रेशन व करेक्टेर सर्टिफिकेट न होने के बाद बावजूद उसे पात्र घोषित किया गया। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपेार्ट मांगी है। प्राचार्य डा. अनुराग मोहन का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।

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