बरेली: 1.12 करोड़ हो चुके हैं खर्च, फिर भी अक्षर विहार पार्क बदहाल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। डीएम साहब! अक्षर विहार पार्क के सौंदर्यीकरण के नाम पर नगर निगम ने 1.12 करोड़ रुपये खपा दिए लेकिन पार्क की दुर्दशा बरकरार है। पार्क परिसर में जो भवन और आधुनिक शौचालय बनवाए थे उनकी भी स्थिति ठीक नहीं है। तालाब को सुंदर बनाने के नाम पर एक भी रुपया खर्च किया …

अमृत विचार, बरेली। डीएम साहब! अक्षर विहार पार्क के सौंदर्यीकरण के नाम पर नगर निगम ने 1.12 करोड़ रुपये खपा दिए लेकिन पार्क की दुर्दशा बरकरार है। पार्क परिसर में जो भवन और आधुनिक शौचालय बनवाए थे उनकी भी स्थिति ठीक नहीं है। तालाब को सुंदर बनाने के नाम पर एक भी रुपया खर्च किया गया हो, यह तालाब को देखने से नहीं लग रहा है।

वर्ष 2017 में अमृत योजना के तहत इस पार्क को चयनित किया गया था। नगर निगम पार्क के कागजी सौंदर्यीकरण से वाहवाही भी लूट चुका है लेकिन पार्क की बदहाली छिपी नहीं है। फिलहाल, गुरुवार को जिलाधिकारी नितीश कुमार ने अक्षर विहार का निरीक्षण किया। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग भी थे।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अक्षर विहार के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए। कहा कि इस स्थान के प्राकृतिक सौंदर्य को बेहद आकर्षक ढंग से संवारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थान के लैंडस्केप का पर्यावरण के अनुकूल आधुनिकीकरण किया जा सकता है। डीएम ने जल्द इसका कार्य शुरू कराने की बात कही है।

अमृत योजना में तीन पार्क हुए थे चयनित
वर्ष 2017 में अक्षर विहार, गांधी उद्यान, और सीआई पार्कों का सौंदर्यीकरण कराने के लिए अमृत योजना के तहत चयन किया गया था। पार्कों का अक्टूबर 2017 में कायाकल्प हो जाना चाहिए था लेकिन कार्य लेटलतीफ होने की वजह से 2019 नवम्बर में पूरा हुआ। इसमें से गांधी उद्यान पर 121.87 लाख, सीआई पार्क पर 154.77 लाख और अक्षर विहार पार्क पर 1.12 करोड़ रुपये अमृत योजना के तहत खर्च किए गए थे।

कागजों में हुए काम, जमीन पर नहीं उतर सके
बरेली। अमृत योजना के तहत तीनों पार्कों में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से पौधरोपण, बच्चों के खेलने का मैदान, बाउंड्रीवॉल, आधुनिक कूड़ेदान, बेंच, पेयजल आपूर्ति, शेड, योगा के लिए जगह, बैडमिंटन और वॉलीबाल कोर्ट, पानी के फव्वारे, स्वागत द्वार, साइकिल स्टैंड आदि कार्य कराए जाने थे लेकिन ये कार्य कागजों में ही कराए गए। जमीनी हकीकत कुछ और ही दिख रही है। अक्षर विहार पार्क में बना शौचालय टूट रहा है। पेयजल आपूर्ति और बच्चों के खेलने की जगह पर घास उगी हुई है। अव्यवस्थाओं की वजह से लोगों का आना-जाना भी पार्क में कम है।

संबंधित समाचार