बरेली: अफसर तौल होने का दावा कर रहे, केंद्र प्रभारी आनाकानी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। लक्ष्य पूरा होने पर भी अफसर भले ही सरकारी केंद्रों पर धान खरीद होने का दावा करें लेकिन हकीकत में किसान परेशान हैं। केंद्र प्रभारी लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर तौल में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में अफसरों के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। बदहाल व्यवस्था के चलते नवाबगंज …

अमृत विचार, बरेली। लक्ष्य पूरा होने पर भी अफसर भले ही सरकारी केंद्रों पर धान खरीद होने का दावा करें लेकिन हकीकत में किसान परेशान हैं। केंद्र प्रभारी लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर तौल में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में अफसरों के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।

बदहाल व्यवस्था के चलते नवाबगंज समेत कई अन्य मंडियों में धान तौलवाने पहुंच रहे किसानों की उम्मीदें टूट रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ जिन किसानों के धान की खरीद हो चुकी है वे भुगतान के लिए चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इससे घरेलू कामकाज से लेकर अगेती खेती के लिए आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक अक्टूबर से शुरू हुई धान खरीद के लिए जिले में 138 केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर धान की खरीद 31 जनवरी तक होनी थी। शासन से जिले के लिए 1.75 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बताया जाता है धान खरीद शुरू होने के बाद सामान्य तरीके से खरीद हो रही थी लेकिन बाद में बिचौलिया और दलालों के हावी होने से तमाम किसानों ने केंद्रों पर धान न बेचकर स्टाक कर लिया।

अफसरों के मुताबिक, अब तक जनपद में शत-प्रतिशत से अधिक धान की खरीद हो चुकी है। लक्ष्य पूरा करने पर 110 से अधिक केंद्र बंद हो चुके हैं। इसलिए केंद्र प्रभारी धान खरीद से इंकार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि आनाकानी करते हुए शहर समेत कुछ स्थानों पर ही धान की खरीद हो रही है। इससे एक बात तो साफ है कि अधिकारियों को सिर्फ लक्ष्य पूरा करने की चिंता है उन्हें किसानों के हित से कोई सरोकर नहीं है। इसलिए मंडल के हजारों किसानों का 300 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है।

खुले बाजार में कम दाम में धान बेचना मजबूरी
ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश केंद्र बंद हैं। तमाम किसानों को अब खुले बाजार में कम दामों पर धान बेचना पड़ रहा है। 1868 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने वाला धान 1500 रुपये क्विंटल तक में बिक रहा है। फिलहाल उन किसानों के पास धान बचा है जिन्होंने खरीद शुरू होने पर केंद्रों पर बिचौलियों की सक्रियता की वजह से धान का स्टाक इस उम्मीद के साथ किया था कि अंतिम समय में केंद्रों पर भीड़ कम होते ही वे धान की बिक्री आसानी से कर सकेंगे। नवाबगंज और बहेड़ी के अधिकांश केंद्रों की बात करें तो बताया जाता है कि यहां जो केंद्र खुले हैं वहां भी केंद्र प्रभारी खरीद में मनमानी कर रहे हैं। लिहाजा, कम दम में धान बेचना किसानों की मजबूरी बन गई है।

सभी केंद्र प्रभारियों को धान खरीद के निर्देश दिए गए हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। कुछ क्रय केंद्रों में लक्ष्य पूरा होने की वजह से खरीद बंद चल रही है। किसानों को अगर कोई दिक्कत है तो वे शिकायत करें उनकी समस्या का तत्काल समाधान होगा।-राममूर्ति वर्मा, आरएमओ

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