बरेली: सरिया ने तोड़ा 12 साल का रिकॉर्ड, 50 रुपये से ऊपर पहुंची
अमृत विचार, बरेली। कोरोनाकाल में परेशान कारोबारियों की कच्चे माल की बढ़ी कीमतों ने कमर तोड़ दी है। महंगा कच्चा माल लेकर उत्पादन करने से लागत बढ़ती जा रही है। इससे उत्पादन क्षमता पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। बाजार में मांग भी घट गई है। पहले से परेशान हार्डवेयर समेत कई अन्य कारोबार का …
अमृत विचार, बरेली। कोरोनाकाल में परेशान कारोबारियों की कच्चे माल की बढ़ी कीमतों ने कमर तोड़ दी है। महंगा कच्चा माल लेकर उत्पादन करने से लागत बढ़ती जा रही है। इससे उत्पादन क्षमता पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। बाजार में मांग भी घट गई है। पहले से परेशान हार्डवेयर समेत कई अन्य कारोबार का तो दम निकल गया है।
आर्थिक बोझ के तले दबे कई कारोबार तो बंदी के कगार पर हैं। कारोबारियों का कहना है कोरोना संक्रमितों की संख्या एक साथ तेजी से घटने पर कारोबार बढ़ने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने नई मुसीबत खड़ी कर दी। इधर, हार्डवेयर से जुड़े कारोबारी बताते हैं 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, सरिया की कीमत 50 रुपये किलो के ऊपर पहुंच गई है।
इससे जहां सरिया से बनने वाले उत्पाद महंगे हो गए है। वहीं, घर दुकान बनाना भी महंगा हो गया है। कई उद्यमियों ने तो कच्चे माल के दाम बढ़ने पर उत्पादन पर रोक लगा दी है। दाम बढ़ाने पर ग्राहक भी माल मंगाने को तैयार नहीं है। तीन-चार महीने में कच्चे माल का भाव सबसे अधिक बढ़ा है।
सरिया ही नहीं आयरन, ब्रास, एल्युमीनियम, जिंक आदि के बने उत्पाद दाम बढ़ने की वजह से काफी महंगे हो गए हैं। इससे बाजार में कीमतों पर इजाफा होना स्वभाविक है।
महंगाई की एक वजह यह भी
उद्यमी बताते हैं पहले लॉकडाउन और अब आयातित कच्चा माल नहीं आने व भाव बढ़ने से औद्योगिक इकाईयों की क्षमता पर असर पड़ा है। सबसे अधिक समस्या एमएसएमई उद्योग से जुड़ी इकाईयों के सामने हैं। विदेश से कच्चा माल नहीं आ रहा है। इस कारण कच्ची माल की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है।
लॉकडाउन खुलने के बाद उद्यमियों ने जैसे-तैसे कम दामों में माल बेच दिया। अब पिछले कुछ महीनों में कच्चे माल में 30 प्रतिशत या उससे अधिक की तेजी आई है। पुराने रेट पर लोग माल बेचना मजबूरी है क्योंकि बाजार में पैसा फंसा है। पेमेंट का दबाव बढ़ाने पर ग्राहक माल नहीं लेते। -बिमल रेवाड़ी, उद्यमी
स्टील और सरिया के दाम की कीमत में काफी बढ़ोतरी हो गई है। बढ़ोतरी चीन से आयात बंद होने की वजह से बढ़ी है। 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि सरिया की कीमत 50 से 52 रुपये किलो पहुंच गई है। एक महीने पहले तक सरिया 40 से 42 रुपये किलो तक थी।– गौरव मिश्रा, हार्डवेयर कारोबारी
