बरेली: ताक पर सुरक्षा, ठेंगे पर नियम, हादसे के बाद भी नहीं सुधरे
अमृत विचार, बरेली। सीवर के लिए खोदे गए गड्ढे में सोमवार को मिट्टी धंसने के कारण एक मजदूर के दबने के बाद भी न तो कार्यदायी संस्थाएं जागीं और न ही अधिकारी गंभीर नजर आ रहे हैं। शहर में मंगलवार को भी सुरक्षा के मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। सीवर …
अमृत विचार, बरेली। सीवर के लिए खोदे गए गड्ढे में सोमवार को मिट्टी धंसने के कारण एक मजदूर के दबने के बाद भी न तो कार्यदायी संस्थाएं जागीं और न ही अधिकारी गंभीर नजर आ रहे हैं। शहर में मंगलवार को भी सुरक्षा के मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। सीवर ट्रंक लाइन हो, ओवरब्रिज हो या भवन निर्माण कार्य, सभी जगह सुरक्षा के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बता दें कि इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कई मजदूर गिरकर घायल हो चुके हैं।
सोमवार को चौकी चौराहे से गांधी उद्यान तक ट्रंक सीवर लाइन के लिए खोदे जा रहे गड्ढे में एक मजदूर दब गया। संयोग रहा कि पुलिसकर्मियों ने उसकी जान बचा ली। इसके बाद भी मंगलवार को सीवर लाइन के लिए खुदाई के दौरान लापरवाही देखने को मिली। किसी मजदूर के पास हेल्मेट और सेफ्टी बेल्ट नहीं थी। धंसती मिट्टी के पास खड़े होकर कार्य किया जा रहा था। इतना ही नहीं, बगल के रास्ते से आवाजाही भी हो रही थी।
इसी तरह चौपुला चौराहे पर ओवरब्रिज के निर्माण में लगे मजदूरों के पास हेल्मेट और सेफ्टी बेल्ट नहीं थी। नगर निगम परिसर में कार्य कर रहे मजदूरों का भी यही हाल रहा। नगर निगम परिसर में बन रहे बहुमंजिला भवन से दो बार तीन मजदूर गिरकर घायल हो चुके हैं। संयोग रहा कि तीनों की जान बच गई। एक बार तो कालीबाड़ी रोड पर सीवर के कार्य के समय एक मजदूर मैनहोल में फंस गया था। आसपास के लोगों ने उसे बचा लिया।
जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि सीवर लाइन के लिए कार्य करने वाली संस्था को मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैरियर लगाकर रास्ता बंद करने को कहा गया है ताकि कोई हादसा न हो। इसके लिए वह खुद निरीक्षण करेंगे।
