बरेली: 25 केंद्रों पर 4900 स्वास्थ्यकर्मियों का 22 जनवरी को होगा वैक्सीनेशन
अमृत विचार, बरेली। कोरोना संक्रमण के खिलाफ पहले चरण का वैक्सीनेशन सफल हो चुका है। शहर में वैक्सीन के दुष्प्रभाव का कोई मामला भी सामने नहीं आया है। अब जिले में शुक्रवार 22 जनवरी को दूसरे चरण में स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन होगा। गुरुवार को स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर बैठक …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना संक्रमण के खिलाफ पहले चरण का वैक्सीनेशन सफल हो चुका है। शहर में वैक्सीन के दुष्प्रभाव का कोई मामला भी सामने नहीं आया है। अब जिले में शुक्रवार 22 जनवरी को दूसरे चरण में स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन होगा। गुरुवार को स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर बैठक ली। तय हुआ कि 11 सीएचसी सहित 25 केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इन केंद्रों पर 49 सेशन लगेंगे। हर सेशन में 100 स्वास्थ्य कर्मचारियों का वैक्सीनेशन होगा। शुक्रवार को 4900 लोगों के वैक्सीनेशन होना है।
आईडी और मोबाइल ले जाना आवश्यक
कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए जरूरी कागजात और ओटीपी आवश्यक है। ऐसे में ध्यान रहे कि पंजीकरण के समय जिस फोटो, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र का जिक्र किया गया है वह अवश्य लेकर आएं। वैरिफायरों को प्रशिक्षण देते समय जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि लाभार्थी वैक्सीनेशन के समय पंजीकरण में दर्ज आईडी लेकर नहीं पहुंचे तो वैरिफायर के पास दर्ज जानकारी से दस्तावेजों का मिलान नहीं हो पाएगा।
ऐसे में पात्र लाभार्थी वैक्सीनेशन से वंचित रह सकते हैं। ऐसे में लाभार्थी को दोबारा वैक्सीनेशन की तारीख आने तक इंतजार करना होगा। वहीं, कोविन एप पर डाटा फीड होने के बाद लाभार्थी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसलिए मोबाइल ले जाना जरूरी है।
आशा, एएनएम और चिकित्सकों से कर सकेंगे संपर्क
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया कि हर डोज की तरह वैक्सीनेशन के बाद 30 मिनट तक वैरिफायर रूम में निगरानी के लिए लाभार्थी को रुकना होगा। इसके बाद भी अगर किसी लाभार्थी को घर जाने के बाद किसी तरह की समस्या आने पर वैक्सीनेशन केंद्र के पास जुड़े स्वास्थ्य क्षेत्राधिकारियों के नंबर दिए होंगे जिसमें आशा, एएनएम और चिकित्सकों के नंबर होंगे।
जिले में वैक्सीनेशन संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी केंद्रों के नोडल अधिकारी, वैरिफायर आदि को निर्देशित कर दिया गया है। -डा. आरएन सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
