बरेली: खुद को किताबों में स्थान देने के लिए ‘आओ गढ़ें कहानी’
अमृत विचार, बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों के बच्चों को खेल और मनोरंजन के साथ पढ़ाने के आए दिन नए तरीके खोजता रहता है। हाल ही में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने बच्चों और शिक्षकों के लिए ‘आओ गढ़ें कहानी’ नाम की एक प्रतियोगिता का आयोजन करने का निर्णय लिया है। …
अमृत विचार, बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों के बच्चों को खेल और मनोरंजन के साथ पढ़ाने के आए दिन नए तरीके खोजता रहता है। हाल ही में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने बच्चों और शिक्षकों के लिए ‘आओ गढ़ें कहानी’ नाम की एक प्रतियोगिता का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इसमें बच्चों और शिक्षकों को एक कहानी की रचना करनी होगी। अच्छी और सर्वश्रेष्ठ कहानियों को प्रकाशित भी किया जाएगा जिससे अन्य बच्चों को उससे सीख मिले। ये कहानियां 15 फरवरी तक गूगल फार्म के माध्यम से उपलब्ध करानी होंगी।
डायट प्राचार्य शशि देवी शर्मा ने बताया कि कहानी मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा प्रदान करने और मानवीय मूल्यों के संवहन का एक सशक्त माध्यम है। कहानी लिखने वाले छात्रों की खोज और नए कहानीकारों को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक परिषद इस प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है।
इस प्रतियोगिता के लिए एससीईआरटी ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अलग नियम बनाए हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को दो भागों में बांटा गया है जिसमें पहले भाग में कक्षा 1 से 5 और दूसरे में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को अधिकतम 150 शब्द और 6 से 8 तक के छात्रों को 500 शब्द में कहानी लिखनी होगी। कहानी पूरी होने के बाद विद्यार्थी अपने शिक्षक की मदद से उसे गूगल फार्म के माध्यम से एससीईआरटी को भेजेगा।
इसी के साथ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों, डायट तथा इकाइयों के संकाय सदस्यों व अधिकारियों के लिए कहानी की शब्द सीमा अधिकतम 800 शब्द होगी। उनकी कहानियां भी स्वरचित होनी चाहिए। कहानी की भाषा सरल, बच्चों के परिवेश और उनकी रुचि से जुड़ी हो।
कहानी लिखने वालों के लिए एससीईआरटी की तरफ से एक चेतावनी भी दी गई है। कहा गया है कि कहानी किसी भी धर्म, जाति, लिंगभेद, रंगभेद आदि को ठेस पहुंचाने वाली नहीं होनी चाहिए। शशि देवी बताती हैं कि एससीईआरटी ने कहानी उपलब्ध कराने की अंतिम तारीख 15 फरवरी घोषित की है। सर्वश्रेष्ठ कहानीकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। उनकी कहानी को एससीईआरटी प्रकाशित भी करेगा।
