बरेली: चैम्बर तोड़ने पर अधिवक्ताओं का हंगामा, नगर निगम की टीम को घेरा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कलेक्ट्रेट रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। सड़क के किनारे बनाए गए अधिवक्ताओं के तीन चैम्बरों को टीम ने बुल्डोजर से तोड़ दिया। इससे अधिवक्ता भड़क गए और नाराजगी जताते हुए तोड़ने की कार्रवाई गलत बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। …

अमृत विचार, बरेली। कलेक्ट्रेट रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। सड़क के किनारे बनाए गए अधिवक्ताओं के तीन चैम्बरों को टीम ने बुल्डोजर से तोड़ दिया। इससे अधिवक्ता भड़क गए और नाराजगी जताते हुए तोड़ने की कार्रवाई गलत बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। टीम का घेराव भी किया।

इसकी जानकारी मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार मौके पर पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने उनका भी घेराव कर लिया। अधिवक्ताओं के तेवर देखकर टीम को कार्रवाई रोकनी पड़ी। नगर मजिस्ट्रेट ने अधिवक्ताओं को सुनवाई का मौका देते हुए सोमवार को चैम्बरों के संबंध में कागजात दिखाने के लिए। इस पर अधिवक्ता सहमत हुए। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि कार्रवाई का अधिवक्ताओं ने विरोध किया है। यदि चैम्बर अतिक्रमण करके नहीं बनाए गए हैं तो अधिवक्ता इसके कागजात दिखाएं।

शनिवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाने वाली टीम कलेक्ट्रेट रोड पर कचहरी के पास अतिक्रमण हटाने पहुंची। अवैध कब्जा बताकर अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़ना शुरू किया। तीन चैम्बर तोड़ दिए। कार्रवाई देखकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए। चैम्बर टूटे देखकर कार्रवाई का विरोध करते हुए नगर निगम टीम का घेराव कर दिया। टीम के सदस्यों और अधिवक्ताओं के बीच सड़क पर बहस होने लगी।

अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि भूमि नगर निगम की नहीं है। कुछ अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट का आदेश भी दिखाया। इस पर कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना के नेतृत्व में दस्ता प्रभारी जयपाल पटेल की टीम ने कार्रवाई रोक दी। नगर निगम की ट्राली में लादे जा रहे जब्त सामान को छुड़ा लिया। इसके बाद जिन जगहों से कब्जा हटाया था, वहां फिर से अधिवक्ताओं ने कुर्सी, मेज रख ली। हंगामा बढ़ने पर सिटी मजिस्ट्रेट को मौके पर बुलाया गया।

सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने कार्रवाई के विरोध में उनका घेराव कर दिया। सड़क पर कुछ देर वार्ता हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने अवैध निर्माण हटाने के लिए अधिवक्ताओं को सोमवार तक का समय दिया है। उन्होंने चैम्बरों से संबंधित कागजात भी दिखाने के लिए कहा है। इसके बाद नगर निगम की टीम आगे की कार्रवाई किए बिना ही वापस लौट गई।

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