लखीमपुर खीरी: गोला वन रेंज में मिला बाघ का शव
गोला गोकरण नाथ/कुकरा खीरी, अमृत विचार। गोला वन रेंज की सिकंदरपुर बीट क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़पुर के पास गन्ने के खेत में एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा पाया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक बाघ की आयु 8 माह बताई है। 6 माह के अंदर क्षेत्र में दूसरे टाइगर …
गोला गोकरण नाथ/कुकरा खीरी, अमृत विचार। गोला वन रेंज की सिकंदरपुर बीट क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़पुर के पास गन्ने के खेत में एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा पाया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक बाघ की आयु 8 माह बताई है। 6 माह के अंदर क्षेत्र में दूसरे टाइगर की मौत की खबर पाकर वन महकमे में खलबली मच गई है।
चीफ कंजरवेटर ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मौत का कारण जानने के लिए बाघ के शव को सील कर आईवीआरआई बरेली भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार गोला रेंज की सिकंदरपुर बीट क्षेत्र में आने वाले ग्राम पहाड़पुर के पास गत सोमवार को जगदंबा प्रसाद के गन्ने के खेत में एक बाघ का शव पड़ा पाया गया। पड़ोसी खेत मालिक संतराम ने बाघ का शव पड़ा देखा तो उसने क्षेत्रीय वन कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। डिप्टी रेंजर गोला एस एस चौहान ने मौके पर पहुंचकर टाइगर के शव को देखा और घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। सूचना पाकर एसडीओ गोला हरिशंकर, एसडीओ लखीमपुर रविशंकर शुक्ला और चीफ कंजरवेटर आर के सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि मृतक बाघ 8 महीने का बच्चा है। उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं है । शव पूरी तरह सुरक्षित है सारे अंग सुरक्षित पाए गए हैं। बाघ की मौत की घटना कैसे हुई है इसकी जानकारी करने के लिए शव को सील कर आई वी आर आई बरेली भेजा जा रहा है। हो सकता है बाघ का बच्चा मां से बिछड़ कर भूख प्यास से मरा हो या अन्य कोई कारण हो यह सब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही स्पष्ट हो सकेगा।
बता दें कि यह घटना क्षेत्र गोला मैलानी और भी भीरा वन क्षेत्र के मध्य आता है। इसी क्षेत्र की मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में जंगल से सटे हुए चरी के खेत में 11 अगस्त 2020 को एक बाघिन का शव पाया गया था। जिसके गले में फंदा पड़ा हुआ था। क्षेत्र में 6 महीने के अंदर दो बाघों की मौत होने से वन विभाग में खलबली मच गई है। क्षेत्र के सैकड़ों नागरिक बाघ की मौत की खबर पाकर मौके पर पहुंचे। लोगों को आशंका है कि कहीं कोई शिकारी गिरोह क्षेत्र में सक्रिय तो नहीं है परंतु वन महकमा इस बात से इंकार कर रहा है।
