बरेली: मैडम! हेलमेट पास ही दुकान में रखा है
अमृत विचार, बरेली। मैडम, हेलमेट पास ही दुकान में रखा है। मुझे नहीं लगता है कि कुछ दूर चलने पर हादसा हो सकता है। मैं तो एसएसपी ऑफिस में ही काम करता हूं। कुछ इसी तरह के बहाने एक दिन की एसएसपी भूमिका चंद्रा के सामने वाहन चालकों ने बनाए। भूमिका चंद्रा ने सभी को …
अमृत विचार, बरेली। मैडम, हेलमेट पास ही दुकान में रखा है। मुझे नहीं लगता है कि कुछ दूर चलने पर हादसा हो सकता है। मैं तो एसएसपी ऑफिस में ही काम करता हूं। कुछ इसी तरह के बहाने एक दिन की एसएसपी भूमिका चंद्रा के सामने वाहन चालकों ने बनाए। भूमिका चंद्रा ने सभी को नियम न तोड़ने की हिदायत दी। इउसके बाद एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने टीएसआई को मौके पर बुलाकर सभी के चालान कटवाए।
सड़क सुरक्षा माह के दौरान हादसों में होने वाली मौत को कम करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों के पुलिस चालान भी कर रही है। जब पुलिस चौराहों पर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के चालान करती है तो वे कई बहाने बनाते हैं। कुछ लोग तो फोन पर बात कराकर अपनी पहचान जताकर छोड़ने की मांग करते हैं। कुछ लोग घर से हेलमेट तो सिर्फ इसलिए लेकर निकलते हैं कि पुलिस को देखने के दौरान चालान से बचा जा सके। इसी वजह से हेलमेट को या तो पीछे या हैंडल पर टांग लेते हैं जबकि यह हादसे में जान बचाने के लिए जरूरी होता है।
एक दिन की एसएसपी भूमिका ने चेकिंग की तो भी इसी तरह के हालात सामने आए। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण की मौजूदगी में भूमिका जब चेकिंग करने के लिए दफ्तर से बाहर निकली तो सबसे पहले एसएसपी ऑफिस के मुख्य द्वार पर ही एक बाइक पर सवार पुलिसकर्मी मिल गए। उन्हें वहीं रोक लिया गया और हेलमेट के बारे में पूछा तो वे बहाने बनाने लगे। एक दिन की एसएसपी के साथ जिले के एसएसपी की मौजूदगी में पुलिसकर्मी की सिट्टी-पिट्टी गुल हो गई।
उन्होंने बताया कि उनका नाम मनोज कुमार है और वह एएसआई के पद पर हैं और उनकी पोस्टिंग एसएसपी ऑफिस में ही है। उनकी बाइक का चालान काट दिया गया। उसके बाद बाहर निकलने पर बाइक सवार मोहम्मद जावेद को रोका गया। उनकी गाड़ी पर आगे नगर निगम लिखा था। उन्होंने बताया कि उनका हेलमेट दुकान पर रखा है। उसके बाद माधव अग्रवाल को रोका। एक दिन की एसएसपी ने उन्हें उम्र का ख्याल रखते हुए समझाया और भविष्य में नियम न तोड़ने की हिदायत दी। इसके बाद एक बाइक पर दो युवक आए। बाइक पर आगे संघ का स्टीकर लगा था। आगे की नंबर प्लेट भी नजर नहीं आ रही थी। पीछे की नंबर प्लेट स्टाइलिश थी। दोनों ने हेलमेट भी नहीं लगाया था।
पूछने पर कहा कि कुछ दूर ही जाना है और अपने पिता को भी फोन लगा दिया। उसके बाद एक एडवोकेट को भी रोका गया तो वह बोले कि मैं कोर्ट से बैंक गया था। मुझे नहीं लगता कि इतनी दूरी पर हेलमेट पहनने की जरूरत है। हालांकि, बाद में वह नियम न तोड़ने की बात करने लगे। एसएसपी के निर्देश पर टीएसआई ने सभी का चालान काटा।
