बरेली: एक दिन की एसएसपी ‘चंद्रा’ निभाना चाहती है आईएएस की ‘भूमिका’

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अमृत विचार, बरेली। एक दिन के लिए एसएसपी बनी छात्रा भूमिका चंद्रा भले ही आईपीएस की कुर्सी पर बैठी हों लेकिन वह आईएएस की भूमिका में खुद को देखना चाहती हैं। एसएसपी की कुर्सी पर बैठकर कार्रवाई की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। भूमिका ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं …

अमृत विचार, बरेली। एक दिन के लिए एसएसपी बनी छात्रा भूमिका चंद्रा भले ही आईपीएस की कुर्सी पर बैठी हों लेकिन वह आईएएस की भूमिका में खुद को देखना चाहती हैं। एसएसपी की कुर्सी पर बैठकर कार्रवाई की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। भूमिका ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने बड़े पद की जिम्मेदारी निभाने को मिलेगी। उसका कहना है कि महिलाओं की समस्याएं काफी हैं। एसएसपी ऑफिस में जो भी महिलाएं आएं उनका तुरंत निस्तारण किया जाए।

दोपहर करीब 12 बजे के बाद भूमिका चंद्रा, डीपीओ नीता अहिरवार के साथ एसएसपी ऑफिस में पहुंची। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने तुरंत उसे अपनी कुर्सी पर बैठाया और फूल देकर उसका स्वागत किया। एसएसपी की कुर्सी पर बैठकर भूमिका कुछ नर्वस भी नजर आ रही थी लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कान थी। एसएसपी ने उनसे परिचय पूछा और फिर फरियादियों की समस्याएं सुनने के लिए कहा।

सबसे पहले साजिया प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची। उन्होंने पड़ोसी पर रुपये लेकर वापस न करने का आरोप लगाया। एसएसपी के निर्देश पर भूमिका ने प्रार्थना पत्र पर थाना प्रभारी को दोनों पक्षों को बुलाकर मामले के निस्तारण का आदेश दिया। उसके बाद किरन ने बताया कि उसकी शादी 14 साल पहले हुई थी। उसकी तीन बेटियां हैं। पति उसे प्रताड़ित करता है। इस पर उसके मामले को परिवार परामर्श केंद्र में बुलाकर निस्तारित करने के निर्देश दिए। भूमिका ने फरीदपुर की ध्यानवती की भी समस्या सुनी।

समस्याएं सुनने के बाद एसएसपी ने ही उन्हें अपने दफ्तर का निरीक्षण कर जानकारी जुटाने को कहा। सबसे पहले उन्हें रीडर और रिकार्ड रूम में ले जाया गया। यहां रीडर ने अपने दफ्तर के कार्य के बारे में जानकारी दी। इसके बाद भूमिका ने एसएसपी दफ्तर के मुख्य कार्यालय का निरीक्षण किया।

यहां बड़े बाबू व अन्य बाबुओं से भी पूछताछ की। सभी ने भूमिका को अपने काम के बारे में बताया। कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद जब भूमिका बाहर निकल रही थीं तो अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 20 जनवरी को भुता में विनोद गंगवार की हत्या के मामले में ज्ञापन सौंपा। उसके बाद भूमिका ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान कटवाए। पुलिस की जिप्सी में भूमिका को महिला थाने भी भेजा गया।

कुर्सी पर बैठने का अलग अनुभव
भूमिका चंद्रा, 12वीं की टॉपर हैं। वह आंवला कस्बे की रहने वाली हैं। उसके परिवार में पिता दिनेश, मां कविता और भाई आदित्य हैं। उसने दसवीं और 12वीं की पढ़ाई भरत इंटर कॉलेज से की है। भूमिका ने दसवीं में 90 फीसदी और 12वीं में 88 फीसदी अंक प्राप्त किए। उन्होंने जिले में दूसरा स्थान हासिल किया था और प्रदेश की वरीयता सूची में भी जगह बनाई थी। वह आंवला के राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई कर रही है।

भूमिका ने बताया कि उसके पिता टेलर हैं। वह सिविल सर्विस की तैयारी करके आईएएस बनना चाहती है। एसएसपी की कुर्सी पर बैठने का भी अनुभव अलग ही है। इस बारे में कभी सोचा नहीं था। उसने पाया कि महिलाओं की काफी समस्याएं हैं। जो भी पुलिसकर्मी हैं वे महिलाओं की समस्या को गंभीरता से लेकर उनका निस्तारण करें।

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