बरेली: कस्तूरबा विद्यालयों के 34 शिक्षकों की संविदा समाप्त, लगा झटका

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में नई गाइडलाइन के तहत नियुक्ति की वजह से जिले के 34 शिक्षकों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। सभी की संविदा सेवाएं समाप्त कर दी गई है। इन शिक्षकों में 18 पुरुष शिक्षक और 16 महिला शिक्षक शामिल है। यह शिक्षक अब कोर्ट जाने की बात कह …

अमृत विचार, बरेली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में नई गाइडलाइन के तहत नियुक्ति की वजह से जिले के 34 शिक्षकों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। सभी की संविदा सेवाएं समाप्त कर दी गई है। इन शिक्षकों में 18 पुरुष शिक्षक और 16 महिला शिक्षक शामिल है। यह शिक्षक अब कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं।

जिले के 18 कस्तूरबा स्कूलों में कुल 125 शिक्षक तैनात थे। शासन की तरफ से वर्ष 2020 जुलाई में शिक्षकों की तैनाती को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत कोर विषय हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में पूर्णकालिक शिक्षक के रूप में सिर्फ महिलाओं को रखने का प्रावधान है जबकि सहगामी विषयों कला, संगीत, खेल, क्राफ्ट आदि के लिए अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को तैनात करना है।

इन नए नियमों को पुराने शिक्षकों पर भी लागू कर दिया गया। जिसकी वजह से जिले के 18 कस्तूरबा स्कूलों के 34 शिक्षक इसके लपेटे में आ गए। इस पर फैसला लेने के लिए शासन से डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। जिसने यह फैसला लिया है। इन शिक्षकों को हटाने के बाद 18 कस्तूरबा स्कूलों में अब कुल 91 शिक्षक ही बचे है। जिनकी संविदा को फिर से 11 महीनें 29 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।

सात पूर्णकालिक और 27 अंशकालिक शिक्षक फंसे
संविदा समाप्त होने वाले शिक्षकों में सात पूर्णकालिक शिक्षक और 27 अंशकालिक शिक्षक शामिल है। पूर्णकालिक शिक्षकों में तीन वार्डन और तीन अन्य पूर्णकालिक शिक्षक, और एक उर्दू की शिक्षिका शामिल है। सेवाएं समाप्त होने वाली तीनों वार्डन वर्ष 2008 से पूर्णकालिक शिक्षक के रूप में तैनात थी।

इनके विषय कॉमर्स को मान्य नहीं किया गया। इस कारण सेवा समाप्त कर दी गई। इस बारे में बीएसए विनय कुमार का कहना है कि राज्य परियोजना कार्यालय से प्राप्त निर्देश के क्रम में कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षकों की समीक्षा कराई गई थी। इसमें 34 शिक्षक-शिक्षिका नई गाइडलाइन के अनुसार नियम विरुद्ध पाए गए। जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

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