‘इस रोग में महिला में ज्यादा बनने लगते हैं पुरुष हॉर्मोन, देश की हर पांचवी महिला पीड़ित’
लखनऊ। पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में होने वाली आम हार्मोनल बीमारी है जिससे देश की हर पांचवी महिला पीड़ित है। जागरूकता की कमी के कारण उसके बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। यह जानकारी केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ होम्योपेथिक चिकित्सक डॉ अनुरूद्व वर्मा ने दी है। उन्होंने बताया कि …
लखनऊ। पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में होने वाली आम हार्मोनल बीमारी है जिससे देश की हर पांचवी महिला पीड़ित है। जागरूकता की कमी के कारण उसके बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। यह जानकारी केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ होम्योपेथिक चिकित्सक डॉ अनुरूद्व वर्मा ने दी है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं में तनाव, चिंता, अनियमित जीवन शैली, भागदौड़, खानपान की गलत आदतें, जंक फूड, नींद की कमी, मोटापा, वसायुक्त भोजन, व्यायाम की कमी इसका कारण बन सकते हैं। इस रोग में महिला में पुरुष हॉर्मोन ज्यादा बनने लगता है जिसके कारण मासिक चक्र में अनियमितता एवं ओवरी में गांठ ( सिस्ट) बनने लगते हैं जिसके कारण गर्भधारण में भी समस्या हो सकती है।
उन्होंने बताया कि इस रोग में महिला के चेहरे पर बाल उगना, वजन बढ़ना, अनियमित मासिक चक्र, बाल पतले होना, पेल्विक पेन, मुंहांसे, सिरदर्द, नींद की समस्या ,मूड डिसऑर्डर ,कमजोरी आदि के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए वजन को नियन्त्रित करने, नियमित व्यायाम करने, जंकफूड, वसायुक्तभोजन, मीठा खाने से बचने,भोजन में हरी सब्जियों का प्रयोग करने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि इससे हार्मोनल असंतुलन दूर करने में मदद मिलती है। डॉ वर्मा ने बताया कि होम्योपैथी पद्धति में इसका सफलता पूर्वक उपचार सम्भव है वह भी पूरी तरह सुरक्षित तरीके से। होम्योपैथी में रोगी के आचार, विचार, शारीरिक वनावट, मानसिक लक्षण को ध्यान में रख कर औषधि का चयन किया जाता है।
