बरेली: कागजों में ही रहेगा जुबली पार्क, 75 प्रतिशत पर है सरकारी कब्जा

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अमृत विचार, बरेली। शहर का जुबली पार्क कागजों में ही रहेगा क्योंकि उसकी अधिकांश जमीन पर सरकारी कब्जा है। जुबली पार्क की 4.805 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त नहीं होगी। उसकी 75 प्रतिशत भूमि पर नगर निगम काबिज है, इसलिए अधिकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने से पीछे हट गए। फाइल भी अलमारी में दबा दी …

अमृत विचार, बरेली। शहर का जुबली पार्क कागजों में ही रहेगा क्योंकि उसकी अधिकांश जमीन पर सरकारी कब्जा है। जुबली पार्क की 4.805 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त नहीं होगी। उसकी 75 प्रतिशत भूमि पर नगर निगम काबिज है, इसलिए अधिकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने से पीछे हट गए। फाइल भी अलमारी में दबा दी गई। पिछले साल मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद के निर्देश पर आईएएस अफसर ईशान प्रताप सिंह ने तहसील सदर की खतौनियों में पार्क को ढूंढकर बाहर निकाला था।

आईएएस अफसर ने पैमाइश कराकर अपनी रिपोर्ट में पार्क की भूमि पर ऊंची-ऊंची इमारतें बनी होने और अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर निगम को स्पष्ट लिखा था लेकिन पार्क को संरक्षित करने वाले नगर निगम का ही भूमि पर कब्जा है, इसके दृष्टिगत अधिकारियों ने भूमि खाली कराने का विचार त्याग दिया है जबकि 26 दिसंबर, 2020 को नजूल भूमि प्रभारी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने नगर आयुक्त को पीपी एक्ट में नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दायर कराकर प्रभावी कार्रवाई कराने के लिए पत्र लिखा था। इधर, अपर जिलाधिकारी वित्त का कहना है कि जुबली पार्क की 75 प्रतिशत भूमि पर सरकारी कब्जा है। फिलहाल, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने कब्जा न हटवाने का निर्णय लिया है।

कागजों में आईएएस अफसर ने तलाशा था जुबली पार्क
मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने 26 फरवरी, 2020 को कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया था। नजूल भूमि प्रकरणों की फाइल देखने के दौरान जुबली पार्क का जिक्र आया तो मंडलायुक्त ने आईएएस अधिकारी ईशान प्रताप सिंह को पार्क ढूंढने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बतौर एसडीएम सदर के नाते तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में तहसील की टीम से 14 मार्च को अभिलेखों में पार्क ढुंढवाया था जिसमें 4.805 हेक्टेयर में जुबली पार्क बने होने के प्रमाण मिले थे।

अभिलेखों में दर्ज पार्क
तहसील सदर के अभिलेखों में जुबली पार्क आराजी ग्राम मकरंदपुर सरकार परगना व तहसील एवं जिला के ग्राम (नगर निगम) में स्थित होना पाया गया। गाटा संख्या 79 क्षेत्रफल 0.063 हेक्टेयर, गाटा संख्या 81 क्षेत्रफल 3.743 हेक्टेयर और गाटा संख्या 83 क्षेत्रफल 0.999 हेक्टेयर भूमि दर्ज मिली। अभिलेखों में जुबली पार्क सरकार बहादुर केसर हिंद व एहतमाम म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज हैं लेकिन स्थलीय निरीक्षण में मौके पर नजरी नक्शे में दर्शाये गए बिंदु ए से शुरुआत करने पर कब्जे पाए गए।

वर्तमान में पार्क की भूमि पर ये भवन बने हुए हैं
जुबली पार्क की भूमि पर वर्तमान में मेयर हाउस/मेयर कैंप कार्यालय, जैन मंदिर, खाली प्लॉट (जो तालाब की गाटा संख्या 82 में शामिल है), संजय कम्युनिटी हाल, नगर आयुक्त आवास, पुलिस अधीक्षक नगर कार्यालय, नगर निगम का प्रकाश विभाग, अग्निशमन केंद्र, जल कल विभाग, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय, सड़क बनी है, डलावघर, स्वच्छ शौचालय, सब्जी मंडी, एलन क्लब का भवन, कालोनी बसी है, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय और 28 दुकानें, रास्ता बना है, तालाब, नगर निगम की 93 दुकानों की मार्केट, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन का कैंप कार्यालय व बिल्डिंग बनी हुई है।

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