मुरादाबाद: बिजनौर का रहने वाला है गैंग का सरगना, मझोला पुलिस करेगी जांच

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मुरादाबाद,अमृत विचार। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने बिहार से आए दो मुन्ना भाइयों पर दर्ज मामले की सुनवाई मझोला थाना पुलिस करेगी। रविवार को सिविल लाइंस व मझोला थाना क्षेत्र में बने केंद्रों में दोनों मुन्नाभाई पकड़े गए थे। पूछताछ में दोनों ने बिहार से आने की बात कबूली …

मुरादाबाद,अमृत विचार। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने बिहार से आए दो मुन्ना भाइयों पर दर्ज मामले की सुनवाई मझोला थाना पुलिस करेगी। रविवार को सिविल लाइंस व मझोला थाना क्षेत्र में बने केंद्रों में दोनों मुन्नाभाई पकड़े गए थे। पूछताछ में दोनों ने बिहार से आने की बात कबूली थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों का चालान कर दिया। गैंग का सरगना बिजनौर जिले का रहने वाला एक युवक बताया जा रहा है।

रविवार को जिले में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित हुई थी। जिले के 66 परीक्षा केंद्रों में करीब 31500 अभ्यर्थी आने थे, हालांकि 20 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित हो गए। इस परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करने के साथ ही मुन्नाभाइयों पर भी नजर रखी जा रही थी। दूसरी पाली में हुई परीक्षा के दौरान सिविल लाइंस क्षेत्र के रामगंगा विहार स्थित सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में बिहार के हमीरपुर फरमोर पोस्ट गोपसा थाना शेखपुर निवासी पंकज कुमार बतौर साल्वर पकड़ा गया था। जबकि दूसरा साल्वर मझोला थाना क्षेत्र के बुद्धि विहार स्थित आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल में पकड़ा गया था।

पूछताछ में उसने खुद को बिहार के जिला मधुबनी के थाना लदनिया के ग्राम सिघराही निवासी राकेश कुमार यादव बताया था। दोनों के प्रवेशपत्रों में लगे फोटो से मिलान न होने के कारण शक के दायरे में आए थे। दोनों के खिलाफ सिविल लाइंस व मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। सोमवार को पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया। एएसपी अनिल कुमार यादव ने बताया कि दोनों थानों में दर्ज मामले की जांच अब मझोला पुलिस करेगी। सिविल लाइंस से यह विवेचना मझोला ट्रांसफर कर दी गई है। पूछताछ में गिरोह का सरगना बिजनौर जिले का होने की बात सामने आई है। उसने 80 हजार रुपए देने का लालच देकर साल्वरों को बुलाया था। नेटवर्क खंगाल कर गैंग के सदस्यों की तलाश की जा रही है।

रैंक पर निर्भर करती मिलने वाली रकम
मुन्नाभाइयों पर दर्ज मामले की जांच कर रहे मझोला थाना के दरोगा रामवीर राठी बताया कि पकड़े गये आरोपी राकेश कुमार से पूछताछ की तो उसने पूरा खुलासा किया। बताया कि 80 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। हालांकि रैंक के हिसाब से रकम घट-बढ़ भी सकती थी। एडवांस के रूप में उसने 10 हजार रुपए भी ले लिए थे। पूछताछ में उसने बताया कि परिवार में माता-पिता के अलावा तीन भाई हैं, दो बड़े भाई गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। बीएससी आनर्स की पढ़ाई करने के बाद वह सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहा है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पैसों के लालच में आकर साल्वर बनने को तैयार हो गया।

घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण बना साल्वर
सिविल लाइंस क्षेत्र में पकड़े गए साल्वर पंकज कुमार ने बताया कि वह केवल 10 हजार रुपए के लालच में साल्वर बन गया। तीन हजार रुपए उसने एडवांस ले लिए। शेष रकम परीक्षा के बाद देने की बात तय हुई थी। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में पंकज कुमार ने बताया कि वह पांच बहनों में इकलौता भाई है। घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। ग्रेजुएशन करने के बाद वह पटना में कोचिंग कर रहा था। बिजनौर जिले में रहने वाले हरेंद्र सिंह ने उसे लालच देते हुए साल्वर बनने के लिए संपर्क किया था। वह खिलेंद्र सिंह की जगह परीक्षा देने आया था, तय हुआ था कि शेष सात हजार रुपए परीक्षा के बाद खिलेंद्र सिंह देगा।

 

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