उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, अब तक 10 लोगों की मौत, 150 से ज्यादा लापता
देहरादून। चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है। इस दौरान मजूदर कार्य में जुटे 150 से ज्यादा लोगों के मरने या लापता होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा अब तक 10 लोगों के शव मिले चुके हैं। बताया जा रहा है …
देहरादून। चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है। इस दौरान मजूदर कार्य में जुटे 150 से ज्यादा लोगों के मरने या लापता होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा अब तक 10 लोगों के शव मिले चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक सुरंग में 15-20 लोगों के फंसे होने की आशंका है। धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूटने से गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम की जानकारी ले रहे हैं। वह जोशीमठ पहुंच गए हैं। जहां उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।
चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से धौलीगंगा नदी में पानी का बहाव तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है, लिहाजा आसपास के इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। ऋषिगंगा प्रोजेक्ट के तबाह होने से कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। अभी तक 10 शव मिल चुके हैं। आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरजी टीमें मौके पर जुटी हैं। बताया जा रहा है कि एक सुरंग में 15-20 लोगों के फंसे होने की आशंका है। श्रीनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार में अलर्ट है।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रवक्ता ने बताया कि रैणी गांव में कम से कम तीन पुलों के ढहने के कारण बल की कुछ सीमा चौकियों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। जो पुल ढहे हैं, उनमें से एक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने दिल्ली में कहा, ”तपोवन के परियोजना स्थल प्रभारी तथा स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बैराज पर काम कर रहे 100 से ज्यादा लोगों और एक सुरंग में काम कर रहे 50 से अधिक लोगों के मारे जाने या लापता होने की आशंका है। अब तक 10 लोगों के शव मिल गए हैं।” उन्होंने बताया कि अभी बचाव काम में आईटीबीपी के 250 से अधिक जवान लगे हैं। पांडे ने कहा कि सुरंग में करीब 16-17 श्रमिक सुरक्षित हैं और उन्हें बचाने के लिए बचाव दल मलबा हटा रहे हैं।
उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया है कि उत्तराखंड में आई आपदा से बाढ़ का खतरा नहीं है। श्रीनगर से नदी का बहाव सामान्य है। देवप्रयाग और निचले इलाकों में कोई खतरा नहीं है। टनल में फंसे 16 लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए टीमें जुटीं हैं।
वहीं भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि बाढ़ का खतरा टल गया है और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए राहत कार्य चल रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी घटना और राहत कार्य को लेकर समीक्षा की है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार संपर्क में हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने चमोली में आई आपदा को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि चमोली जिले में भारी नुकसान हुआ है। कांग्रेस इस समय जनता के साथ है। सोमवार को स्थिति स्पष्ट होगी कि इस आपदा में कितने लोग बह गए हैं। उन्होंने बताया कि मैंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व डीआईजी से वार्ता कर स्थिति का जायजा लिया है। कांग्रेस पार्टी व मेरी संवेदनाएं वहां के लोगों से हैं, हम हर स्थिति में जनता के साथ खड़े हैं।
