अमरोहा: जयंत चौधरी बोले- जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक नहीं थमेगा आंदोलन
अमृत विचार ,अमरोहा। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने किसान महापंचायत में कहा जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह किसानों के मान सम्मान की लड़ाई है। सरकार अहंकार में है, लेकिन आने वाले समय में किसान इसका सब हिसाब ले लेंगे। उन्होंने कहा …
अमृत विचार ,अमरोहा। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने किसान महापंचायत में कहा जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह किसानों के मान सम्मान की लड़ाई है। सरकार अहंकार में है, लेकिन आने वाले समय में किसान इसका सब हिसाब ले लेंगे। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में चौधरी अजित सिंह की हार को देख लिया।अब हाथ पकड़ो और आगे बढ़ो। दुश्मन बहुत ही मजबूत है। वह काटने और बांटने का काम कर रहा है।सरकार ने गाजीपुर में गुंडों को भेज दिया। सरकार मंडियों को खत्म कर रही है।
रविवार को नौगांवा तहसील के गांव मुकारी में किसान महापंचायत आयोजित की गई। जिसमें जयंत चौधरी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। उन्होंने मंच पर आते ही कहा कि युवाओं को आज सोचने की जरूरत है। देख लो कितने रोजगार मिले हैं। किसान परेशान है। कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए दिल्ली बार्डर पर आंदोलन चल रहा है,लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जनता के आगे सरकार का अहंकार नहीं टिकेगा, किसानों की चलेगी। जिनके लिए सरकार कानून बना रही है, जब वही उसे गलत बता रहे हैं और लागू करने से मना कर रहे हैं, तो फिर कानून किस के लिए बनाए गए है।
सरकार को किसानों की बात सुननी पड़ेगी। यह लड़ाई किसी विशेष की नहीं है, बल्कि किसानों के मान सम्मान की लड़ाई है। किसान 2022 और 2024 में फैसला करेगा। लव जिहाद को लेकर गुजरात सरकार ने कानून नहीं बनाया और प्रदेश की बाबा की सरकार ने कानून बना दिया। सरकार को एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए। चौधरी साहब ने जमीदारी प्रथा को खत्म किया। उन्होंने कहा कि जब देश का अन्नदाता कमजोर होकर आत्महत्या कर लेता है,तब तिरंगे का अपमान होता है। किसान महापंचायत में सपा के विधान परिषद सदस्य परवेज अली भी मौजूद रहे।
