बरेली: 4 जी छोड़िये जनाब…नहीं मिल पा रहा नेटवर्क
अमृत विचार, बरेली। फोन मिलाने पर न तो एक बार में कॉल लगती है और यदि लगती है तो बात करते समय कट जाती है। कमजोर नेटवर्क के कारण पहली बार में फोन न मिलना, बिना घंटी के ही जाए फोन रिसीव होना और इंटरनेट की बेहद धीमी गति की समस्या अब महानगर में आम …
अमृत विचार, बरेली। फोन मिलाने पर न तो एक बार में कॉल लगती है और यदि लगती है तो बात करते समय कट जाती है। कमजोर नेटवर्क के कारण पहली बार में फोन न मिलना, बिना घंटी के ही जाए फोन रिसीव होना और इंटरनेट की बेहद धीमी गति की समस्या अब महानगर में आम हो चली है। 4 जी चक्कर में जिले के करीब 30 लाख के करीब उपभोक्ता ठगी का शिकार हो रहे हैं।
टेलीकॉम कंपनियों की तकनीकि खामियों की वजह से उपभोक्ता वर्ग न सिर्फ हैरान है, बल्कि उसकी सेवाएं लेने की भी मजबूरी बनी हुई है। अधिकांश तौर पर सभी टेलीकॉम कंपनियों का एक जैसा ही हाल है। निजी टेलीकॉम कंपनियों से जुड़े उपभोक्ताओं की मानें क्योंकि इन कंपनियों का ध्यान हमेशा अपने ग्राहकों की संख्या बढ़ाने पर रहता है, लेकिन उपभोक्ता को स्पीड और नेटवर्क कैसा मिल रहा है, मिल पा रहा है भी या नहीं इस ओर कोई ध्यान नहीं देता।
एक निजी कंपनी के कर्मचारी की मानें तो उसके मुताबिक चाहें बीएसएनएल हो या फिर अन्य निजी नेटवर्क पहले की अपेक्षा उपभोक्ताओं की संख्या काफी अधिक बढ़ गई है, ऐसे में अब क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है।
उपभोक्ताओं का दर्द सुनने वाला कोई नहीं
कमजोर नेटवर्क के मामले में बीएसएनएल के उपभोक्ता तो तहसील मुख्यालय पर बैठे एसडीओ एवं जिला मुख्यालय पर बैठे टीडीएम से अपनी शिकायत दर्ज करा देता है। वहीं दूसरी ओर निजी कंपनी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी न होने के कारण बेचारे उपभोक्ता अपनी शिकायत तक नहीं कर सकते हैं। ऐसे में कंपनियां मनमानी कर उपभोक्ताओं को ठग रही है।
