मुरादाबाद: बीमा कंपनी आश्रितों को देगी पांच लाख रुपए
मुरादाबाद,अमृत विचार। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के आश्रितों को बीमा कंपनी पांच लाख रुपए का मुआवजा देगी। हादसे के बाद से बीमा कंपनी ने रिपोर्ट व पीएम रिपोर्ट न होने का हवाला देते हुए मुआवजे की रकम देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया …
मुरादाबाद,अमृत विचार। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के आश्रितों को बीमा कंपनी पांच लाख रुपए का मुआवजा देगी। हादसे के बाद से बीमा कंपनी ने रिपोर्ट व पीएम रिपोर्ट न होने का हवाला देते हुए मुआवजे की रकम देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के बाद फोरम ने बीमा कंपनी को दो माह के अंदर ब्याज के साथ रकम का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
सम्भल के मोहल्ला हल्लू सराय निवासी गीता श्रीवास्तव के पति तरुण ने वर्ष 2015 में एचडीएफसी बैंक सम्भल के माध्यम से एक कंपनी से अपना बीमा करवाया था। अक्टूबर 2016 को तरुण श्रीवास्तव बाइक से मुरादाबाद आ रहे थे। रास्ते में जानवर से बचने के प्रयास में उनकी बाइक फिसल गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजनों ने उनको अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उपचार के दौरान तरुण की मौत हो गई थी। इसके बाद तरुण की पत्नी गीता श्रीवास्तव ने मुआवजे के लिए बीमा कंपनी को पत्र दिया। इसके बाद कंपनी के कर्मी कागजों की मांग करते रहे। बाद में उन्होंने थाने में रिपोर्ट व पोस्टमार्टम की कापी न होने का हवाला देते हुए मुआवजे का भुगतान करने से इंकार कर दिया। जिस पर गीता ने अपने अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से सम्भल उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। उनके अनुसार सुनवाई के दौरान बीमा कर्मियों ने एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट न होने का हवाला दिया।
अधिवक्ता के अनुसार जिस पर फोरम ने तर्क दिया कि घटना इत्तेफाकिया है। जिसमें एफआईआर व अन्य रिपोर्ट की जरूरत नहीं हैं। लिहाजा बीमा कंपनी दो माह के अंदर ब्याज के साथ पांच लाख रुपए का भुगतान मृतक के आश्रितों को करें। साथ ही आश्रितों को वाद-व्यय में खर्च होने पर 30 हजार रुपए भी अतिरिक्त अदा करे।
