बरेली: जिले की 1197 ग्राम पंचायतों में चुनावी तैयारी तेज, 14 तक तय होंगे आरक्षण

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। त्रिस्तरीय चुनाव की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। ग्राम पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू भी हो गई है। सीटों की संख्या निर्धारित हो चुकी है। शासन की गाइड लाइन के तहत वर्ष 1995 से 2015 तक जिन ग्राम पंचायतों में आरक्षण नहीं हुआ था, उनमें इस बार पहले …

अमृत विचार, बरेली। त्रिस्तरीय चुनाव की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। ग्राम पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू भी हो गई है। सीटों की संख्या निर्धारित हो चुकी है। शासन की गाइड लाइन के तहत वर्ष 1995 से 2015 तक जिन ग्राम पंचायतों में आरक्षण नहीं हुआ था, उनमें इस बार पहले आरक्षण दिया जाएगा।

ग्राम प्रधान के कितने पद किस जिले और ब्लाक में आरक्षित किए जाएंगे, इसका चार्ट भी निदेशक पंचायती राज किंजल सिंह ने जारी कर दिया है। अफसरों के मुताबिक 14 मार्च तक आरक्षण की प्रकिया पूरी कर ली जाएगी।

जिले की 1193 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव होना है। शासन की तरफ से जारी गाइड लाइन के अनुसार आरक्षित होने वाली सीटों की संख्या तय है। इनका ब्लाकवार वर्गीकरण करने के पश्चात ग्राम पंचायतवार आरक्षण शुरू होगा। डीपीआरओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बार ग्राम प्रधान के 1193 सीटों में से नियमानुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 22 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया जाना है। इसके अलावा 33 प्रतिशत ग्राम पंचायतों का आरक्षण महिलाओं के लिए आरक्षित होना है।

चक्रानुक्रम प्रणाली में सबसे पहले अनुसूचित जनजाति महिला, इसके बाद अनुसूचित जनजाति पुरुष, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति पुरुष को आरक्षण पर लिया जाना है। इसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला और अन्य पिछड़ा वर्ग पुरुष के लिए सीटों का आरक्षण किया जाएगा। इसके बाद बची सीटों में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। शेष बची ग्राम पंचायतों को अनारक्षित श्रेणी में रहेंगी।

शासन की नई गाइड लाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पंचायत चुनाव के आरक्षण में चक्रानुक्रम प्रणाली के लागू किए जाने के कारण प्रधान, बीडीसी, ब्लाक प्रमुख जिला पंचायत सदस्य पद की आरक्षण प्रणाली वर्तमान के सापेक्ष बदलने की उम्मीद है। आरक्षण तय होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कौन सी पंचायत का प्रधान पद किसके लिए आरक्षित या अनारक्षित होगा। -धर्मेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी

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