बरेली: डिप्टी सीएम का सचिव बताकर एसएसपी से पैरवी कराने वाला गिरफ्तार
अमृत विचार, बरेली। डिप्टी सीएम का सचिव बताकर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से अपने बड़े भाई के लिए पैरवी कराने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छोटा भाई लोगों की पैरवी के लिए काम लाता था और उसका बड़ा भाई अफसर बनाकर अधिकारियों को फोन करता था। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ …
अमृत विचार, बरेली। डिप्टी सीएम का सचिव बताकर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से अपने बड़े भाई के लिए पैरवी कराने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छोटा भाई लोगों की पैरवी के लिए काम लाता था और उसका बड़ा भाई अफसर बनाकर अधिकारियों को फोन करता था।
पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है कि इससे पहले उन्होंने कहां-कहां फोन किए है। वह थानों में डिप्टी सीएम के प्रतिनिधि बनकर कई पुलिस कर्मियों से कई काम करवा चुके हैं। कुछ दिनों से एसएसपी को एक फोन आ रहा था कि भोजीपुरा में एक प्रकरण में एकतरफा मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि इस मामले में क्रॉस केस होना चाहिए। फोन करने वाले ने बताया था कि वह डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का सचिव बात कर रहा है।
आरोपी ने एसएसपी को एक ही मामले की पैरवी करते हुए लगातार पांच दिन फोन किया। शक होने पर एसएसपी ने उसकी डिटेल निकलवाई तो पता चला कि यह नंबर बरेली का ही है और उसकी लोकेशन बारादरी आ रही है। पुलिस ने जांच की और रविवार की रात शाहजहांपुर के रहने वाले ग्रीस कुमार पुत्र जयदेव को गिरफ्तार कर लिया।
उसने बताया कि वह काम लेकर आता था और उसका भाई पवन कभी अफसर तो कभी मंत्रियों के सचिव बनाकर फोन किया करता था। इससे पहले भी वह जिले के थानों में जाकर कई लोगों की पैरवी कर चुके हैं। पुलिस ने ग्रीस कुमार को सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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लोग मांग रहे अपने रुपये
पुलिस ने जब आरोपी की मोबाइल पर व्हाट्सएप चैट देखी तो पता चला की उसमें कई लोग उससे अपने रुपये मांग रहे थे। उनका कहना था कि काम हुआ नहीं और पैसे ले लिए। किसी के पांच हजार तो किसी के दस हजार रुपये आरोपियों ने लिए हैं। ऐसस करके उसने तमाम लोगों से लाखों की ठगी कर ली है।
आईजी को फोन करने वाला पहुंचा पश्चिम बंगाल
कानून मंत्री बनकर आईजी राजेश कुमार पांडेय को फोन करने वाले युवक की तलाश में पुलिस की एक टीम अब तक झांसी में घूम रही थी। जांच में पता चला कि आरोपी के परिवार ही वहां गलत कामों के लिए बदनाम है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी पश्चिम बंगाल भाग गया है। इसके बाद पुलिस वहां से लौट आई है। आरोपी के परिवार के खिलाफ भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
