बरेली: बीडीए के खिलाफ फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने जाम किया हाईवे
अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध मकान तोड़ने का नोटिस भेजने के विरोध में चंद्रपुर बिचपुरी के ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने पीलीभीत बाईपास स्थित सुरेश शर्मा नगर चौराहा जाम कर दिया। महिलाएं बच्चों को लेकर दरियां बिछाकर बीच हाईवे पर बैठ गईं। लोगों ने बीडीए उपाध्यक्ष …
अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध मकान तोड़ने का नोटिस भेजने के विरोध में चंद्रपुर बिचपुरी के ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने पीलीभीत बाईपास स्थित सुरेश शर्मा नगर चौराहा जाम कर दिया।
महिलाएं बच्चों को लेकर दरियां बिछाकर बीच हाईवे पर बैठ गईं। लोगों ने बीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की। करीब दो घंटे तक हाईवे जाम रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जाम से सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंस गए।
इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। चौराहों पर बैठे ग्रामीणों को हटाकर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद चौराहे के किनारे बैठकर करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीण सोमवार की सुबह करीब 11 बजे सुरेश शर्मा नगर चौराहे पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले माह बीडीए ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की।
मजार और निर्माणाधीन शनि मंदिर का मुख्य गेट व दीवार को भी जेसीबी से ढहा दिया था। इस कार्रवाई का जबर्दस्त विरोध हुआ। दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा मुस्तफा की पैरवी के बाद बीडीए ने मजार का निर्माण करा दिया लेकिन मंदिर निर्माण नहीं कराया। न ही जनप्रतिनिधियों ने मंदिर निर्माण को लेकर आवाज उठाई।
दबाव बनाना तो दूर बीडीए के अधिकारियों से किसी जनप्रतिनिधि ने बात तक नहीं की। निर्माणाधीन मंदिर का मुख्य गेट व दीवार बनाने की मांग के साथ मकान तोड़ने के नोटिस वापस लेने की मांग करते हुए चौराहे पर आए हैं। ग्रामीण हाथों में बैनर, तख्तियां लेकर पहुंचे थे।
बीडीए वीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बीच हाईवे पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर दरी और चादरें बिछाकर डेरा जमा लिया। ग्रामीणों के सड़क घेरकर बैठने के बाद दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। सनातनी युवा कल्याण संगठन से जुड़े कुछ लोग भी बैनर लेकर पहुंच गए और ग्रामीणों के समर्थन में नारेबाजी की।
करीब पौन घंटे बाद बारादरी इंस्पेक्टर शितांशू शर्मा फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों को समझा कर हाईवे से हटाया। इसके बाद यातायात सामान्य हुआ। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि मंदिर के तोड़े गए हिस्सों का निर्माण नहीं कराया गया तो जन आंदोलन तेज करेंगे।
बीडीए का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा
चंद्रपुर बिचपुरी के ग्रामीणों में कई दिनों से आक्रोश पनप रहा है। शनिवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था और तोड़े गए मंदिर के हिस्से का निर्माण कराने की मांग उठाई थी। अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को ज्ञापन भी सौंपा था। तब ग्रामीणों ने अनदेखी पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद बीडीए के किसी अधिकारी ने ग्रामीणों से बात नहीं की और न ही प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के आक्रोश का खामियाजा सोमवार को राहगीरों ने जाम में फंसकर भुगतना पड़ा। ग्रामीणों के हाईवे जाम करने की सूचना बीडीए के अधिकारियों तक पहुंची लेकिन मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
महिलाएं बोलीं- टूटने नहीं देंगे मकान
बरेली विकास प्राधिकरण ने करीब एक माह पहले रामगंगा नगर आवासीय योजना में बसे लोगों को नोटिस जारी कर कब्जा खाली करने को कहा है जबकि उन्होंने कई साल पहले मकान बनवाया है। नोटिस का विरोध कर रहे हैं।
-कांति देवी
– करीब 17 वर्ष से लगभग छह सौ परिवार वहां मकान बनाकर रह रहे हैं। सभी के पास बैनामे और जमीन के कागजात हैं लेकिन बीडीए उसे खुद की जमीन बताकर तोड़ने पर जुटा हुआ है, किसी कीमत पर भूमि खाली नहीं करेंगे।
-नन्नी
बीडीए ने मकान गिराने को लेकर नोटिस जारी किया है। किस्तों पर मकान लिया था। अब दूसरा मकान कहां से बनाएंगे। बीडीए की कार्रवाई का विरोध करते हुए विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे हैं।
-गनेशी
ग्रामीणों की मांग बीडीए को पूरी करनी होगी। जब हमने भूमि खरीदी, तब अपना कब्जा क्यों नहीं बताया गया। अब बीडीए मकान तोड़ने का नोटिस दे रहा है जिससे हमने जमीन खरीदी है। उसे नोटिस देना चाहिए।
-रामश्री मौर्य
