बरेली: महंगी हुई रसोई की आंच, गैस सिलिंडर के दामों में इजाफा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार,बरेली। कोरोना काल में आमतौर पर लोगों की आमदनी को बड़ा झटका लगा। दूसरा झटका महंगाई दे रही है। विभिन्न तरह की दाल, मसाले, खाद्य तेल आदि की कीमतें लगातार बढ़ रही है। अरहर, मूंग, उड़द, मसूर की दालों की कीमतें सौ रुपये प्रति किग्रा पहुंच गईं। अब लगातार सिलिंडर की कीमत बढ़ने से …

अमृत विचार,बरेली। कोरोना काल में आमतौर पर लोगों की आमदनी को बड़ा झटका लगा। दूसरा झटका महंगाई दे रही है। विभिन्न तरह की दाल, मसाले, खाद्य तेल आदि की कीमतें लगातार बढ़ रही है। अरहर, मूंग, उड़द, मसूर की दालों की कीमतें सौ रुपये प्रति किग्रा पहुंच गईं। अब लगातार सिलिंडर की कीमत बढ़ने से महिलाओं का रसोई का बजट बिगड़ गया है।

महंगाई दबे पांव फिर रसोई में घुस आई है। तीन महीने पहले जो गैस सिलिंडर 612 रुपये में मिल रहा था, उसके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले महीने रसोई गैस सिलिडर उपभोक्ताओं को 737.50 रुपये में मिला था। अब उसका दाम 787.50 रुपये चुकाने होंगे। यानी 50 रुपये और बढ़ गए।

उपभोक्ताओं का कहना है कि खाद्य पदार्थों के दाम पहले से ही बढ़ रहे हैं। ऐसे में निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट गड़बड़ा रहा है। लोगों का कहना है कि एक ओर रसोई गैस के दाम बढ़ रहे। वहीं, दूसरी ओर इस पर मिलने वाली सब्सिडी लगातार कम होती जा रही है। फरवरी में रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 75 रुपये बढ़ गई। इससे लोगों में सरकार के खिलाफ अक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। जबकि व्यावसायिक गैस सिलिंडर (19 किलोग्राम) दस रुपये सस्ता होने के बाद अब 1561.50 रुपये का मिलेगा। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल के दाम में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

जिले में कुल गैस एजेंसियां 98
जिले में उपभोक्ताओं की संख्या 10 लाख
नवंबर में सिलिंडर के दाम 612 रुपये
दिसंबर में सिलिंडर के दाम 662 रुपये
जनवरी में सिलिंडर के दाम 737.50 रुपये
फरवरी में सिलिंडर के दाम 787.50 रुपये

रसोई गैस की बढ़ती कीमतें चिंतित करने वाली हैं। वैसे ही तमाम चीजों पर महंगाई से जूझना पड़ रहा। पिछले महीने ही सिलिंडर के दाम बढ़ गए थे। अब फिर पचास रुपये की बढ़ोतरी अखर रही है।
अर्चना कुशवाहा, राजेन्द्र नगर

फोटो मोहित 77 नंबर
रसोई गैस के बढ़ते दामों से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। खानपान की अनेक चीजों के दाम पहले से ही बढ़े हुए हैं। आमदनी में तो कोई वृद्धि नहीं हो रही। ऐसे में रसोई का बजट लगातार बढ़ने से चिंता हो रही है।
संध्या ठाकुर, वसंत बिहार

फोटो मोहित 78 नंबर
रसोई गैस सिलिंडर के तो दाम बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन सब्सिडी घट गई है। अब तो रसोई गैस पर नाममात्र की सब्सिडी रह गई है। सिलिडर काफी महंगा लगने लगा है। सरकार को रसोई गैस के दाम नियंत्रित करने चाहिए।
रेनू राघव, सुभाषनगर

चाय- नाश्ता से लेकर खाना पकाने तक के लिए ईंधन का एकमात्र साधन रसोई गैस ही है। इसके दामों में सरकार को बढ़ोतरी की रोकथाम के उपाय करने चाहिए। कोरोना के कारण पहले ही लोगों की आमदनी घट गई है।
पूजा कालरा, गली मनिहारन

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