बरेली: अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कार्रवाई को लेकर भिड़े एसीएमओ और सीएचसी अधीक्षक
अमृत विचार, फरीदपुर/बरेली। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को फरीदपुर तहसील में छापेमारी की। ताबड़तोड़ छापेमारी से अवैध अल्ट्रासाउंड संचालक मौके से फरार हो गए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जयप्रकाश मौर्य की टीम ने फरीदपुर तहसील स्थित देव अल्ट्रासाउंड सेंटर …
अमृत विचार, फरीदपुर/बरेली। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को फरीदपुर तहसील में छापेमारी की। ताबड़तोड़ छापेमारी से अवैध अल्ट्रासाउंड संचालक मौके से फरार हो गए।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जयप्रकाश मौर्य की टीम ने फरीदपुर तहसील स्थित देव अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं रेनू अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारा। सीएचसी अधीक्षक को बिना सूचना दिए छापेमारी करने पहुंचे एसीएमओ जयप्रकाश मौर्या व सीएचसी अधीक्षक के बीच झड़प हो गई।
वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ लोग भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंच गए और कार्रवाई को लेकर आक्रोशित हो गए। उनकी भी एसीएमओ से नोकझोंक हो गई। मामला थाना कोतवाली तक पहुंच गया।
गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे पहुंचे एसीएमओ डॉ. जयप्रकाश मौर्य ने नगर में चल रहे देव अल्ट्रासाउंड सेंटर को जाते ही चेक किया। वहां गणित से बीएससी कर रहे मोहित नाम का युवक अल्ट्रासाउंड करता पाया गया। जब एसीएमओ ने डॉक्टर के बारे में पूछा तो वहां मौजूद स्टाफ बगलें झांकने लगा। वहां डाक्टर थे ही नहीं।
सिर्फ डाक्टर के नाम पर ही अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किया जा रहा था। इस पर एसीएमओ ने अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी। जैसे ही एसीएमओ के आने की सूचना फरीदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. बासित अली को मिली तो वह एसीएमओ के पास पहुंच गए।
उन्होंने बिना सूचना दिए नगर में कार्रवाई करने का कारण पूछा। इसे लेकर दोनों के बीच तीखी झड़प हो गई।
मामले की जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हुई तो कुछ लोग मौके पर पहुंचे और एसीएमओ की कार्रवाई का विरोध करने लगे। डॉ. बासित अली ने सूचना दिए बगैर अल्ट्रासाउंड मशीन सील करने पर आपत्ति जताई गई।
इस बात पर एसीएमओ डॉ. जयप्रकाश मौर्या ने कहा कि उनके पास जांच का लिखित आदेश है। अगर वह पूर्व में सूचना दे देते तो सूचना लीक हो सकती थी और अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद हो जाते तो जांच नहीं हो पाती। इसी बात पर एसीएमओ व सीएचसी अधीक्षक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। बीच सड़क पर ही दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं होने लगी। इसके बाद दोनों पक्ष कोतवाली पहुंच गए।
वहीं, अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई के विरोध में एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता भी एसीएमओ से भिड़ गए।
उन्होंने एसीएमओ को खूब खरी-खोटी सुनाई। साथ ही नगर में चल रहे सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों और झोलाछापों पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एसीएमओ रेनू अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे तो सेंटर संचालक ने खुद को जांच कराने आए कुछ मरीजों के साथ अंदर बंद कर लिया। बंद अल्ट्रासाउंड सेंटर को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की मांग पर ताला लगाकर सील कर दिया गया।
