उन्नाव मामले में अफवाह फैलाने के आरोप में कांग्रेस के पूर्व सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव/ लखनऊ। उन्‍नाव जिले की पुलिस ने ट्विटर पर ‘भ्रामक और अफवाह फैलाने’ वाली पोस्‍ट करने के आरोप में पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता उदित राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में उदित राज ने कहा कि सरकार पर दमन करने और सच की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। गौरतलब है …

उन्नाव/ लखनऊ। उन्‍नाव जिले की पुलिस ने ट्विटर पर ‘भ्रामक और अफवाह फैलाने’ वाली पोस्‍ट करने के आरोप में पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता उदित राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में उदित राज ने कहा कि सरकार पर दमन करने और सच की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि असोहा थाना इलाके के बबुरहा गांव में गत 17 फरवरी की शाम खेतों पर घास लेने गईं तीन दलित किशोरियों के एक खेत में संदिग्‍ध अवस्‍था में बेसुध पाए जाने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। चिकित्‍सकों ने दो लड़कियों को मृत घोषित कर दिया था, जबकि एक लड़की को गंभीर हालत में उन्‍नाव अस्‍पताल ले जाया गया और बाद में कानपुर रेफर कर दिया गया।

उन्‍नाव पुलिस द्वारा शनिवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक जिले के असोहा थानांतर्गत बबुरहा में 17 फरवरी की घटना के संबंध में उदित राज नामक ट्विटर हैण्डल से गलत, भ्रामक और आम जनमानस में आक्रोश फैलाने वाली कथित पोस्ट की गई थी। इस मामले को लेकर पुलिस ने मामला पंजीकृत किया है।

उन्‍नाव के पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों लड़कियों के साथ किसी प्रकार के बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है एवं परिजनों द्वारा बिना किसी दबाव के लड़कियों का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त कथित ट्वीट द्वारा जानबूझकर मनगढ़ंत एवं फर्जी खबरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

जिसके चलते ही ट्वीटकर्ता (उदित राज) के विरुद्ध थाना कोतवाली में भारतीय दंड विधान और आईटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत करके विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस बीच कांग्रेस के प्रवक्‍ता एवं पूर्व सांसद डा. उदित राज ने कहा, ”पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले वहां गई थी और उनसे बातचीत के बाद हमने ट्वीट किया।

ट्वीट में पूर्व सांसद का हवाला भी दिया है।” उदित राज ने कहा, ”उत्‍तर प्रदेश में जो भी आवाज़ उठाये, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। हाथरस में अधिकारियों ने अफ़वाह फैलाई तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन हम सच के साथ खड़े हैं और हमारी आवाज कोई दबा नहीं सकता है।

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