अमेठी: चकबन्दी कर्मियों की मनमानी से परेशान किसान, दो महीने से नहीं मिल पा रही खतौनी की नकल
अमेठी। एक तरफ सरकार जहां किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ चकबन्दी विभाग के कर्मचारियों की मनमानी से किसानों की खेती का काम प्रभावित हो रहा है। चकबन्दी कर्मी दो महीने से किसानों को उनके खेत की नकल देने में आनाकानी कर रहे हैं। जिससे किसानों के केसीसी का …
अमेठी। एक तरफ सरकार जहां किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ चकबन्दी विभाग के कर्मचारियों की मनमानी से किसानों की खेती का काम प्रभावित हो रहा है। चकबन्दी कर्मी दो महीने से किसानों को उनके खेत की नकल देने में आनाकानी कर रहे हैं। जिससे किसानों के केसीसी का रिनुवल नहीं हो पा रहा है। मामले की शिकायत पर एडीएम ने जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
मामला अमेठी तहसील के सरायखेमा राजस्व गांव से जुड़ा है। जहां वर्ष 2008 से चकबन्दी प्रक्रिया चल रही है। खेती किसानी के लिए किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया है। जिसके रिनुवल के लिए बैंक को भूमि की नकल देनी पड़ती है। गांव के रवीन्द्र कुमार, अखिलेश तिवारी, रमेश यादव, बब्लू शुक्ल, रामकरन मौर्य आदि किसानों ने अपने खेत की नकल व वरासत के लिए दो माह पूर्व चकबन्दी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन चकबन्दी लेखपाल द्वारा किसानों को नकल देने में आनाकानी की जा रही थी।
सोमवार को जब किसान नकल के लिए चकबन्दी कार्यालय पहुंचे तो आरोप है कि वहां मौजूद एसीओ विनय श्रीवास्तव ने किसानों से अभद्र व्यवहार करते हुए वहां से चले जाने को कहा। किसानों का आरोप है कि सुविधा शुल्क की मांग को लेकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। खतौनी की नकल के अभाव में बैंक उनके केसीसी का रिनुवल नहीं कर रही है। इस संबंध में एडीएम एसपी सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
