बरेली: रिवेंज पोर्न से छात्र-छात्राओं को बचाना होगा

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अमृत विचार, बरेली। छात्र-छात्राओं को रिवेंज पोर्न से बचाना होगा। ऐसे मामले अक्सर सामने आ रहे हैं लेकिन डर के चलते युवा इसके बारे में किसी को नहीं बताते हैं। रिवेन्ज पोर्न के मामलों में लड़के-लड़कियां प्रेम प्रसंग के दौरान अपने निजी फोटोग्राफ शेयर कर देते हैं। उसके बाद साइबर अपराधी किसी तरह से इन …

अमृत विचार, बरेली। छात्र-छात्राओं को रिवेंज पोर्न से बचाना होगा। ऐसे मामले अक्सर सामने आ रहे हैं लेकिन डर के चलते युवा इसके बारे में किसी को नहीं बताते हैं। रिवेन्ज पोर्न के मामलों में लड़के-लड़कियां प्रेम प्रसंग के दौरान अपने निजी फोटोग्राफ शेयर कर देते हैं। उसके बाद साइबर अपराधी किसी तरह से इन फोटो को अश्लील बना लेते हैं और फिर ब्लैकमेल कर रुपयों की डिमांड करते हैं। यह जानकारी मुख्य वक्ता साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल सेटर फॉर रिसर्च ऑन साइबर क्राइम एंड साइबर लॉ नई दिल्ली ने पुलिस लाइंस सभागार में बाल संरक्षण योजना एवं मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित जागरूकता शिविर में शिक्षकों को दी।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध सुशील कुमार ने बताया कि रोजाना साइबर अपराध के चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं। साइबर ठगी के मामलों में 18 प्रतिशत में ही रुपये वापस कराए जा सके। 80 फीसदी में रुपये वापस नहीं कराए जा सके क्योंकि जिनके साथ अपराध हुआ उन्होंने देर में सूचना दी।

इसके अलावा अपराधियों ने फर्जी खातों में रकम ट्रांसफर की। इसकी वजह से बैंकों से सूचना ही नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में रिश्तेदार बनकर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे फोन करने वालों से सावधान रहें। उन्होंने सुरक्षित वेबसाइट पर ही सर्च करने के लिए कहा।

इसके लिए उन्होंने कहा कि जब भी वेबसाइट पर कोई डिटेल भरें तो सबसे पहले गलत पासवर्ड भरें। फर्जी वेबसाइट गलत पासवर्ड को भी एक्सेप्ट करने का मैसेज भेजेगी जबकि असली वेबसाइट पर रांग पासवर्ड का मैसेज आ जाएगा।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम पर किसी अंजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। अपने पारिवारिक फोटो नहीं डालने चाहिए क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल होकर ब्लैकमेल किया जाता है।

सोशल मीडिया वेबसाइट पर हैकरों द्वारा फोटो ट्रोल की जाती है जिससे बच्चे साइबर बुलिंग का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में वे डिप्रेशन में आ जाते हैं। बच्चों को समय-समय पर साइबर क्राइम के संबंध में परामर्श देते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिवेंज पोर्न के मामलों में लड़कियों को झिझकना नहीं चाहिए और तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए। चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक गैर जमानती अपराध है जिसमें पॉक्सो व आईटी एक्ट के तहत सजा का प्राविधान है। एटीएम से रकम निकलने पर पीड़ित को तीन दिन में बैंक से शिकायत करनी चाहिए।

आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक पीड़ित की गलती न होने पर बैंक को पूरी रकम वापस करनी होती है।
उपनिदेशक महिला कल्याण व जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर संचालित हेल्पलाइंस 181 महिला हेल्प लाइन, 1090-वीमेन पावर लाइन, 1098-चाइल्ड हेल्प लाइन, 112-आपात सेवाओं की जानकारी दी।

इस दौरान शिक्षकों ने एक्सपर्ट के सामने साइबर बुलिंग, ठगी समेत कई सवाल पूछे जिनका एक्सपर्ट से सरल तरीकों से बचाव के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में विष्णुदेव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली, डा. अमरकांत जिला विद्यालय निरीक्षक, डा. डीएन शर्मा सदस्य बाल कल्याण समिति, सौरभ सिंह चौहान, संध्या जायसवाल, संतोष कुमार गौतम आदि ने हिस्सा लिया।

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