बरेली: आईकार्ड मांगने पर प्रॉक्टर से भिड़ा छात्र, हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। जिले के एक शिक्षण संस्थान में विवाद शांत होता है तो दूसरी जगह शुरू हो जाता है। मंगलवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) में एक छात्र को दो प्रॉक्टर (प्रोफेसर) ने चेकिंग के लिए रोक कर उससे आईकार्ड मांग लिया। इस पर छात्र दोनों प्रॉक्टर से ही भिड़ गया। उसने अपनी बहन को …

अमृत विचार, बरेली। जिले के एक शिक्षण संस्थान में विवाद शांत होता है तो दूसरी जगह शुरू हो जाता है। मंगलवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) में एक छात्र को दो प्रॉक्टर (प्रोफेसर) ने चेकिंग के लिए रोक कर उससे आईकार्ड मांग लिया। इस पर छात्र दोनों प्रॉक्टर से ही भिड़ गया। उसने अपनी बहन को बताया तो सपा के कई नेता व सछास कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंच गए और चीफ प्रॉक्टर का घेराव कर हंगामा करने लगे। काफी देर बाद मामला शांत हुआ। सपा नेताओं के जाने के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टर का घेराव कर छात्र पर कार्रवाई की मांग की। चीफ प्रॉक्टर ने बुधवार से मास्क और आईकार्ड की सख्ती से चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्या के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम विश्वविद्यालय परिसर में चेकिंग कर रही थी। टीम सभी से कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर मास्क पहनने के लिए कह रही थी। इसी दौरान कैंटीन के बाहर होटल मैनेजमेंट चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र नजर बाइक पर मौजूद था। शिक्षा विभाग के प्रॉक्टर रामबाबू और विमल कुमार ने छात्र से पूछा कि वह कैसे घूम रहा है। उसे आईकार्ड दिखाने के लिए कहा तो वह प्रॉक्टरों से उलझ गया। उनसे बोला कि वह कौन होते हैं आईकार्ड चेक करने वाले। प्रॉक्टर ने अपना परिचय दिया तो वह गुस्से में बोला कि रोजाना आईकार्ड नहीं दिखा सकता। इसको लेकर काफी बहस हो गई।

सूचना पर चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्या भी पहुंच गए। वह किसी को फोन पर बुला रहा था। सुरक्षा प्रभारी सुधांशु भी मौके पर पहुंचे और पुलिस बुला ली। इस पर छात्र वहां से गायब हो गया। कुछ देर बाद छात्र की बहन समीम खान सपा के नेता मोंटी शुक्ला, विशाल गौतम, गजेंद्र कुर्मी, करुण रत्नाकर व अन्य पहुंच गए और चीफ प्रॉक्टर का घेराव कर लिया। सभी मांग करने लगे कि प्रॉक्टर्स को मौके पर बुलाकर छात्र से माफी मंगवायी जाए। काफी देर हंगामा चलता रहा।

चीफ प्रॉक्टर ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। छात्र नेताओं का कहना था कि प्रॉक्टर ने छात्र को मारने की कोशिश की इसकी वजह से बात बिगड़ गई। कुछ देर बाद एबीवीपी के उज्जवल ढाका, गौरव यादव, अवधेश, अनिल गंगवार समेत कई कार्यकर्ता पहुंच गए और चीफ प्रॉक्टर से छात्र पर कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं की जमकर नोकझोंक हुई और यहां तक कह दिया कि वह कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। चीफ प्रॉक्टर ने छात्र और प्रॉक्टर को आमने सामने बैठाकर आगे की कार्रवाई की बात कही है।

10 दिन पहले की घटना पर भी सुस्ती
विश्वविद्यालय में 10 दिन पहले भी कैंटीन के बाहर घटना हुई थी। इसमें छात्राओं का रास्ता रोककर बदतमीजी की गई थी। इससे पहले बीटेक व एलएलएम के छात्रों में मारपीट हुई थी। इन मामलों में भी जांच की गई लेकिन मामले को किसी तरह से रफा दफा कर दिया गया और कोई सख्ती नहीं की गई। विश्वविद्यालय में कुछ दिनों पहले कैंटीन में ही रैगिंग की कोशिश भी हुई थी। छात्रों पर सख्त एक्शन न लेने की वजह से ही छात्र शिक्षकों से भिड़ जा रहे हैं।

दो प्रॉक्टर ने छात्र का आईकार्ड चेक करने के लिए रोका था। इस पर छात्र ने नाराजगी जाहिर की। उसके बाद सपा नेता व छात्र संगठन के लोग आ गए। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्र पर कार्रवाई की मांग की। प्रॉक्टर के सामने छात्र को बुलाकर मामले का निस्तारण किया जाएगा। सभी के आईकार्ड और मास्क सख्ती से चेक किए जाएंगे।
प्रो. जेएन मौर्या, चीफ प्रॉक्टर रुविवि

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